निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर 80 से 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए-
आज का युवा संसार
•प्रस्तावना
•युवाओं में अदम्य साहस व शक्ति
•जागरूकता
•देश के प्रति प्रेम
•उपसंहार
प्रस्तावना- युवा किसी भी समाज और राष्ट्र के कर्णधार और भावी निर्माता होते हैं क्योंकि युवा ही किसी राष्ट्र के विकास, निर्माण आदि में प्रमुख भूमिका में रहते हैं| वह चाहे नेता या शासक के रूप में हों, चाहे डॉक्टर, इन्जीनियर, वैज्ञानिक, साहित्यकार व कलाकार के रूप में हों। इन सभी रूपों में उनके ऊपर अपनी सभ्यता, संस्कृति, कला एवम् ज्ञान की परम्पराओं को मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे ले जाने का गहरा दायित्व होता है। हमारा देश भारत विश्व का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है साथ ही भारत की आबादी का अधिकाँश हिस्सा युवा जनसँख्या का है। एक सर्वे के अनुसार भारत विश्व का सबसे युवा देश है। युवा शब्द का अर्थ उन व्यक्तियों से है जिनकी आयु 15 वर्ष से 40 वर्ष तक की है और उस अवादी के आधार पर देखें तो भारत दुनिया का सबसे युवा देश है|
युवाओं में अदम्य साहस व शक्ति- भारत के युवा न केवल बुद्धिमान हैं अपितु कुशल भी हैं। भारत के युवाओं में काफी जोश और साहस है साथ ही कुछ कर गुजरने का जज्बा भी है जिसका उदाहरण वह हमेशा देते आए हैं। हर युग की युवा-शक्ति से उसका देश और समाज, उन्नति और विकास सम्बन्धी तरह-तरह की आशाएँ करता है| युवा-वर्ग में इतना साहस और शक्ति होती है, की वह जैसा चाहे अथवा जो भी प्राप्त करना चाहे कर सकता है|
देश के प्रति प्रेम- भारत के युवा शुरुआत से ही देश के प्रति अपना प्रेम जाहिर करते आए हैं इसकी परिणति हम भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में बड़ी संख्या में भाग लेने वाले युवाओं की संख्या के रूप में देख सकते हैं| महात्मा गाँधी, पं. जवाहर लाल नेहरु, सुभाषचंद्र बोस, सरदार पटेल आदि भरपूर जवानी के क्षणों में ही सब प्रकार के सांसारिक सुखों को लात मारकर स्वतंत्रता संग्राम में कूदे थे, हमारी देश की आजादी में शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और सुखदेव जैसे ना जाने कितने युवाओं ने हंसते-हंसते देशप्रेम के लिए अपना जान निछावर कर दिया। हमारे देश के बहादुर युवा सेना में भर्ती होकर अपने अदम्य शक्ति और साहस का परिचय देते हैं।
जागरूकता- आज के युवा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं ओर देश हित में कार्यरत है। वह आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वह किसी भी प्रकार की सामाजिक, राजनितिक बुराई, रिश्वतखोरी, कालाबाजारी आदि को कतई पसंद नही करता है| आज के युवाओं को स्वयं से ही मार्ग पूछकर अपने आप ही निर्णय लेना होगा कि उसे कहाँ से और क्या शुरू करना है, जिससे देश, जाति के प्रति अपने दायित्यों का निर्वाह कर सके|
उपसंहार- किसी भी देश की तरक्की में युवाओं का एक महत्वपूर्ण योगदान होता है, और भारतीय युवा अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझते हैं और अपने देश की तरक्की में कार्यरत है। आज के युवाओं की सोच काफी आधुनिक है और उन्हें अपने लक्ष्यों के बारे में पता है।
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