(क) निम्नलिखित शब्दों का सामासिक पद बनकर समास के भेद का नाम भी लिखिए:
जन का आंदोलन, नीला है जो कमल
(ख) निम्नलिखित समस्त पदों का विग्रह करके समास के भेद का नाम लिखिए:
नवनिधि, यथासमय
(क)— समास का तात्पर्य होता है – संछिप्तीकरण। इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर एक नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास कहते हैं। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो जहाँ पर कम- से- कम शब्दों में अधिक से अधिक अर्थ को प्रकट किया जाए वह समास कहलाता है।
जैसे— जन का आंदोलन— जन आंदोलन (तत्पुरुष समास)
नीला है जो कमल— नील कमल (कर्मधारय समास)
तत्पुरुष समास क्या होता है:- इस समास में दूसरा अथवा बाद वाला पद प्रधान होता है तथा दोनों पदों के बीच का कारक चिन्ह लुप्त हो जाता है| वहाँ तत्पुरुष समास होता है|
कर्मधारय समास क्या होता है :- इस समास का उत्तर पद प्रधान होता हो तथा पूर्व पद व उत्तर पद में उपमेय-उपमान अथवा विशेषण-विशेष्य संबंध हो ऐसे समास को कर्मधारय समास कहते हैं|
(ख)— नवनिधि— नौ निधियों का समूह द्विग समास
यथासमय— समय के अनुसार कर्मधारय समास
द्विगु समास क्या होता है :- द्विगु समास में पूर्वपद संख्यावाचक होता है और कभी-कभी उत्तरपद भी संख्यावाचक हो सकता है। इस समास में प्रयुक्त संख्या किसी समूह को दर्शाती है किसी अर्थ को नहीं |इससे समूह और समाहार का बोध होता है। उसे द्विगु समास कहते हैं।
कर्मधारय समास क्या होता है :- इस समास का उत्तर पद प्रधान होता हो तथा पूर्व पद व उत्तर पद में उपमेय-उपमान अथवा विशेषण-विशेष्य संबंध हो ऐसे समास को कर्मधारय समास कहते हैं|
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