निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 20-30 शब्दों में लिखिए:
(क) महादेवी वर्मा की कविता में ‘दीपक’ और ‘प्रियतम’ किनके प्रतीक हैं?
(ख) ‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के आधार पर पर्वत के रूप-स्वरूप का चित्रण कीजिए|
(ग) बिहारी ने ‘जगतु तपोबन सौ कियौ’ क्यों कहा है?
(क)— इस कविता में दीपक ईश्वर के प्रति आस्था और प्रेम का प्रतीक है और प्रियतम उस लक्ष्य अर्थात ईश्वर जिसतक कोई मनुष्य पहुँचना चाहता है। दीपक से इस बात का आग्रह किया जा रहा है कि वह हर पल और हर दिन जलता रहे अर्थात कवियत्री की आस्था एवं प्रेम ईश्वर में हमेशा बना रहे| यहाँ पर जलने की प्रक्रिया को हम अपने कर्मों की तरह देख सकते हैं। किसी भी व्यक्ति को अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन कर्म करना पड़ता है।
(ख)— पावस यानि सर्दी का मौसम है जिसमें प्रकृति का रूप हर पल बदलता रहता है। कभी धूप खिल जाती है तो कभी काले घने बादल सूरज को ढ़ँक लेते हैं। ये सब हर पल एक नए दृष्टांत की रचना करते हैं। पहाड़ के ऊपर और आस पास पेड़ भी होते हैं जो उस दृष्टिपटल की सुंदरता को बढ़ाते हैं।
(ग)— इस दोहे में कवि ने भरी दोपहरी से बेहाल जंगली जानवरों की हालत का चित्रण किया है। भीषण गर्मी से बेहाल जानवर एक ही स्थान पर बैठे हैं। मोर और सांप एक साथ बैठे हैं। हिरण और बाघ एक साथ बैठे हैं। कवि को लगता है कि गर्मी के कारण जंगल किसी तपोवन की तरह हो गया है। जैसे तपोवन में विभिन्न इंसान आपसी द्वेषों को भुलाकर एक साथ बैठते हैं, उसी तरह गर्मी से बेहाल ये पशु भी आपसी द्वेषों को भुलाकर एक साथ बैठे हैं।
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