निम्नलिखित प्रशनों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-
एक दिन जब गुल्ली-डंडा खेलने के बाद छोटा भाई बड़े भाई साहब के सामने पहुँचा तो उनकी क्या प्रतिक्रिया हुई?
एक दिन लेखक ने भोर का सारा समय गुल्ली डंडा खेलने में ही निकाल दिया। जब वह सीधे खाने के वक्त घर पहुंचा तो बड़े भाई रौद्र रूप धारण किए हुए थे। उन्हें देखते ही लेखक के पांव तले जमीन खिसक गई। बड़े भाई साहब ने जमकर उसकी डांट लगाई और खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने लेखक को इतिहास के अनेक दृष्टांत देकर बताया कि घमंड करने वालों का अंत कैसे होता है और कहा कि अंधे के हाथ बटेर सदा ही नहीं लगती। अभिमान का अंत विनाश ही होता है। ये सब सुनकर लेखक को दांतों पसीना आ गया और अपना अपराध स्वीकार कर उसने कमर कस ली और पूरी तरह पढ़ाई में जुट गया।
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