निम्नलिखित प्रशनों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
इस पाठ में लेखक ने समूची शिक्षा के किन तौर-तरीकों पर व्यग्ंय किया है? क्या आप उनके विचार से सहमत हैं?
‘बड़े भाई साहब’ पाठ में लेखक ने समूची शिक्षा प्रणाली पर व्यंग्य कसा है। लेखक ने शिक्षा व्यवस्था में इतिहास की घटनाओं, जॉमेट्री के नियम व विधियों, जरा सी बात पर कई पृष्ठों के निबंध लिख डालना, छात्रों को रटने पर जोर देना आदि को गलत बताया है। लेखक के अनुसार, शिक्षा में ज्ञान वृद्धि पर जोर देना चाहिए ना कि आंकड़ों और विवरणों के प्रस्तुतिकरण पर। साथ ही शिक्षा प्रणाली में जीवन के अनुभव से जुड़ी भविष्य में काम आने वाली व्यावहारिक शिक्षा की भी जानकारी देनी चाहिए। मेरे विचार से प्रत्येक विषय पर विस्तृत जानकारी आवश्यक है और इसके जांचने के लिए परीक्षा भी जरूरी है। लेकिन इसके साथ ही छात्रों को दुनियादारी की समझ देना भी जरूरी है।
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