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निम्नलिखित शब्दों के-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए-

नसीहत, रोष, आज़ादी, राजा, ताज्जुब

नसीहत- सलाह, मशवरा, सीख


रोष- क्रोध, गुस्सा, क्षोभ


आज़ादी- स्वतंत्रता, मुक्ति


राजा- भूपति, नृप


ताज्जुब- आश्चर्य, हैरानी, अचरज


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1

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

बुनियाद ही पुख्ता न हो, तो मकान कैस पायेदार बने?

1

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

आँखे आसमान की ओर थीं और मन उस आकाशगामी पथिक की ओर, जो मंद गति से झूमता पतन की ओर चला आ रहा था, मानो कोई आत्मा स्वर्ग से निकलर विरक्त मन से नए संस्कार ग्रहण करने जा रही हो।

2

प्रेमचंद की भाषा बहुत पैनी और मुहावरेदार है। इसीलिए इनकी कहानियाँ रोचक और प्रभावपूर्ण होती है। इस कहानी में आप देखेंगे कि हर अनुच्छेद में दो-तीन मुहावरों का प्रयोग किया गया है। उदाहरणतः इन वाक्यों को देखिए और ध्यान से पढि़ए-

मेरा जी पढ़ने में बिलकुल न लगता था। एक घंटा भी किताब लेकर बैठना पड़ता था।


भाई साहब उपदेश की कला में निपुण थे। ऐसी-ऐसी लगती बातें कहते, ऐसे-ऐसे सूक्ति बाण चलाते कि मेरे जिगर के टुकड़े टुकड़े हो जाते और हिम्मत टूट जाती।


वह जानलेवा टाइम-टेबिल, वह आँखफोड़ा पुस्तकें, किसी की याद न रहती और भाई साहब को नसीहत और फ़जीहत का अवसर मिल जाता।


निम्नलिखित मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-


सिर पर नंगी लटकना, आड़े हाथों लेना, अंधे के हाथ बटेर लगना, लोहे के चने चबाना, दाँतों पसीना आना, ऐरा-गैरा नत्थू खेरा।

3

निम्नलिखित तत्सम, तद्भव, देशी, आगत शब्दों को दिए गए उदाहरणों के आधार पर छाँटकर लिखिए-

तत्सम - जन्मसिद्ध


तद्भव - आँख


देशज - दाल-भात


आगत (अंग्रजी़ एवं उर्दू/अरबी-फ़ारसी) - पोज़ीशन, फ़जीहत


तालीम, जल्दबाज़ी, पुख्ता, हाशिया, चेष्टा, जमात, हप़फऱ्, सूक्तिबाण, जानलेवा, आँखफोड़, घुड़कियाँ, आधिपत्य, पन्ना, मेला-तमाशा, मसलन, स्पेशल, स्कीम, फटकार, प्रातःकाल, विद्वान, निपुण, भाई साहब, अवहेलना, टाइम-टेबिल