निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
बुनियाद ही पुख्ता न हो, तो मकान कैस पायेदार बने?
इस कथन के माध्यम से छोटे भाई साहब अर्थात् लेखक ने बड़े भाई साहब पर व्यंग्य किया है। जिस तरह किसी भी भवन की मजबूती उसकी बुनियाद या नींव पर टिकी होती है। ठीक उसी तरह बड़े भाई साहब का मानना था कि जो बचपन में जितनी मेहनत से पढ़ता है उसका भविष्य उतना ही अच्छा होता है क्योंकि उनके हिसाब से बचपन की पढ़ाई से ही बुद्धि का सही विकास होता है अन्यथा जिंदगीभर पछताना पड़ सकता है।
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