Q1 of 26 Page 63

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुड़कियाँ खाकर भी खेल-कूद का तिरस्कार न कर सकता था।

जीवन के मुश्किल समय में भी मनुष्य मोह-माया से अलग नहीं रह सकता। उसी प्रकार, लेखक को खेल कूद के सामने बड़े भाई साहब की डांट, नसीहत कुछ असर ना करती। लेखक को खूब डांट-फटकार पड़ती लेकिन इसे बावजूद भी वह खेलना ना छोड़ता। मैदान की सुखद हरियाली, वॉलीबॉल की तेजी और फुरती, फुटबॉल की उछलकूद देख छोटे भाई साहब खुद को खेलने से रोक ना पाते। समय-समय पर भाई साहब के डर से टाइम टेबल तो बन जाता लेकिन उस पर अमल ना हो पाता।


More from this chapter

All 26 →
1

निम्नलिखित प्रशनों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि-


(क) छोटा भाई अपने भाई साहब का आदर करता है।


(ख) भाई साहब को जि़दगी का अच्छा अनुभव है।


(ग) भाई साहब के भीतर भी एक बच्चा है।


(घ) भाई साहब छोटे का भला चाहते हैं।

1

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असल चीज़ है बुद्धि का विकास।

1

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

बुनियाद ही पुख्ता न हो, तो मकान कैस पायेदार बने?

1

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

आँखे आसमान की ओर थीं और मन उस आकाशगामी पथिक की ओर, जो मंद गति से झूमता पतन की ओर चला आ रहा था, मानो कोई आत्मा स्वर्ग से निकलर विरक्त मन से नए संस्कार ग्रहण करने जा रही हो।