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निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिएः

जीवन अपना मंदिर है मानव अपना भगवान है


धरती का हर कोना अपना प्यारा हिंदुस्तान है।


लिखता है जो छंद फसल के अपने हल की फाल से


करता है अर्चना धरा की खुरपी और कुदाल से,


बोता है श्रम के खेतों में दाना स्वर्ण विहान का


नयी फसल से भर देता है आँचल जो सुनसान का


उसका सुख, उसका दुख अपनी गीता और कुरान है


उसके चरणों की हर रेखा अपना तीर्थ स्थान है।


उसकी हर आवाज़ हमारी पूजा-पाठ-अजान है।


धरती का हर कोना अपना प्यारा हिंदुस्तान है।


) कवि ने भारतीय किसान के लिए क्या-क्या कहा है? उसे अपने शब्दों में लिखिए।


) भारत के बारे में कवि के क्या उद्गार हैं?


) कवि अपना मंदिर, भगवान, तीर्थ और पूजा-नमाज किन्हें मानता है?

) कवि ने भारतीय किसान के लिए कहा है कि खेतों में हल चलाकर फसल उगाता है। खुरपी और कुदाल की मदद से बीज बोता है। किसान की मेहनत से सुनसान पड़ी जमीन को सोने जैसी उपजाऊ बना देता है। संक्षेप में कहें तो भारतीय किसान मिट्टी को सोने में परिवर्तित कर देता है|


) कवि कहता है कि हिंदुस्तान में मानव को भगवान मानकर पूजा जाता है। यहां किसान खेती कर बंजर जमीन को भी उपजाऊ बना देते हैं। देश के किसी भी कोने में बसा व्यक्ति खुद को हिंदुस्तानी मानता है और अपने देश से प्यार करता है।


) कवि हिंदुस्तान के किसानों को मंदिर, भगवान, तीर्थ और पूजानमाज मानता है। किसानों की मेहनत की वजह से देशवासियों अनाज नसीब होता है।


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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही उत्तर लिखिए-

एक स्वस्थ व्यक्ति की परिभाषा कुछ शब्दों में बताना कठिन है। किसी को क्षणिक देखने भर से नहीं कहा जा सकता कि वह नितांत स्वस्थ है या रूग्ण है। कोई व्यक्ति देखने में मोटा-ताजा, रूप-सौन्दर्य से युक्त भले ही हो सकता है लेकिन यह जरूरी नहीं कि वह शारीरिक तौर पर हर तरह से स्वस्थ होगा। वास्तव में व्यक्ति का बाह्य रूप उसकी अन्तः शक्ति को एक झलक में प्रदर्शित नहीं कर पाता। यद्पि कभी-कभी विषाद और अन्तर्दव्नद का भाव व्यक्ति के मुख पर छलक जाता है, उस तरह हृदय की प्रसन्नता-छाप भी मुख पर दिखाई दे जाती है। ये दोनों प्रसन्नता और वेदना के भाव परिवर्तनशील होते हैं। इन स्थितियों में भी अधिकता-न्युनतम का परिवर्तन होता रहता है। वास्तव में ये वे हृदय-आवेग हैं, जो हमें हमारे बाह्य प्रभाव से प्राप्त होते हैं। इन दोनों प्रभावों का संबंध मनुष्य के स्वास्थ्य से होता है। विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ आदमी के शरीर को क्षति तो पहुँचाती ही हैं, उसके मनोबल को भी कमज़ोर कर देती हैं।


व्यक्ति का अच्छा स्वास्थ्य एक लम्बी प्रक्रिया के फलस्वरूप प्राप्त होता है। अच्छे स्वास्थ्य वाला व्यक्ति अपने दैनन्दिन कार्य बड़ी कुशलता के साथ कर लेता है। कृश तन वाला व्यक्ति भी स्वस्थ हो सकता है और स्थूलकाय व्यक्ति भी रोगी हो सकता है। शारीरिक संरचना से किसी के अच्छे या खराब स्वास्थ्य का पता नहीं चलता। अच्छे स्वास्थ्य वाला व्यक्ति वही होता है जिसमें अपने कार्य करने की क्षमता हो, स्फूर्ती हो, ऊर्जा हो और वह आलस्य रहित हो। ऐसा व्यक्ति अपनी कार्यक्षमता के बल पर अपने कार्य यथासमय निपटा लेता है, उसका चिन्तन सकारात्मक होता है और किसी भी काम के लिए अन्य के भरोसे नहीं रहता। इसीलिए कहा जाता है कि – “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।”


) अच्छे स्वास्थ्य के क्या-क्या लाभ हैं?


) स्वस्थ व्यक्ति किसे माना जाता है और क्यों?


) व्यक्ति की मुख-छवि किन आवेगों के कारण बदलती है?


) लेखक स्वस्थ शरीर में किसका निवास मानता है, इसके क्या कारण हो सकते हैं?


) उपर्युक्त गद्यांश के लिए उचित शीर्षक दीजिए।

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क) शब्द और पद में उदाहरण सहित अंतर स्पष्ट कीजिए।

ख) निम्नलिखित वाक्यों का निर्देशानुसार रचना के आधार पर वाक्य रूपातंरण कीजिए-


1. सूर्य उदय होने पर तुम जाग जाना। (मिश्र वाक्य)


2. वह कविता याद करो और सुनाओ । (सरल वाक्य)


3. गायक गाना गाने के साथ-साथ बाँसुरी भी बजाता है। (संयुक्त वाक्य)

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क) समस्त पद बनाइए और समास का नाम भी लिखिएः

1. समय के अनुसार


2. देह रूपी लता


ख) विग्रह करके समास का नाम लिखिएः


1. दशासन


2. दाल-भात

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क) निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध करके लिखिएः

1. बाजार से एक फूल की माला लानी है।


2. इंडिया गेट में जुलूस निकाला गया।


3. आप कब आओगे?


4. मेरे को अपना गृहकार्य करना है।


ख). रिक्त स्थान की पूर्ति उचित मुहावरों द्वारा कीजिएः


1 पुत्र के अनुत्तीर्ण होने का समाचार सुनकर पिताजी---------------हो गए।


2 चिकना घड़ा- मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।