निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिएः
क) “कहि है सबु तेरौ हियौ” दोहे के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
ख) कवि ने सबको एक होकर चलने की प्रेरणा क्यों और किसके हित में दी है?
ग) कवि ने कुर्बानियों की राह किसे कहा है ?
क)— इस पंक्ति में कवि कहता है कि नायिका को अपने संदेशवाहक पर बहुत विश्वास है। उसे पता है कि उसका संदेशवाहक पूरी इमानदारी से उसका संदेश पहुँचाएगा। नायिका को इतना बड़ा संदेश देना है कि कागज भी छोटा पड़ जाएगा। साथ ही उसे खुद संदेश बोलने में शर्म आएगी। नायिका संदेशवाहक से कहती है कि तुम अपने दिल से मेरे दिल की बात बोल देना।
ख)— कवि सबको एक होकर चलने की प्रेरणा देता है। उसका मानना है कि एक होकर चलेंगे तो रास्ते में आने वाली किसी भी समस्या का आसानी से सामना कर लेंगे। एकता में शक्ति होती है। एक—दूसरे का साथ देने से जिंदगी आसानी से कट जाएगी। एक होकर रहेंगे तो मनुष्य समस्याओं को भी आसानी से झेल लेगा।
ग)— कवि ने इस गीत में कहा है— राह कुर्बानियों की न वीरान हो, तुम सजाते ही रहना नए काफिले। इसमें कवि कहना चाहता है कि शहीदों ने कुर्बान होकर एक राह बना दी है और उसे पूरी उम्मीद है कि इस राह पर अनंत समय तक वीरों का काफिला ऐसे ही चलता रहेगा। जिंदगी मौत से इस तरह गले मिल रही है जैसे वह विजय का उत्सव मना रही हो।
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