निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर संकेत बिन्दुओं के आधार पर 80 से 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिएः
ग) कामकाजी महिलाएँ
• काम करने की आवश्यकता
• महिला-पुरूष में समानता
• निहित कठिनाइयाँ
काम करने की आवश्यकता— प्राचीन काल से ही महिलाओं को दूसरों पर निर्भर, अवला, कमजोर के तौर पर देखा जाता रहा है लेकिन वर्तमान में इस सोच और वातावरण में बदलाव आ रहा है| वर्तमान में नारी ने अपने आपको सशक्त बनाया है और वह अब किसी अन्य पर निर्भर नहीं है, वर्तमान की नारी कमजोर भी नहीं है वह स्वयं से कार्य कर अपनी आजीविका कमाती है और अपने परिवार का पेट पालने में भी सक्षम है| वर्तमान में नारियों ने ज्ञान अर्जित कर एवं अपने कौशल के दम पर प्रत्येक क्षेत्र में सफलता हासिल की है| अब उनके प्रति समाज का दृष्टिकोण भी बदल रहा है खाना बानाने से, बड़े बड़े होटलों में सेफ बनने की बात हो, अंतरिक्ष यात्रा की बात हो अथवा सैनिक बनकर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने की बात हो, वर्तमान नारी का प्रत्येक क्षेत्र में दखल है और वह अब पुरुषों से किसी भी प्रकार से अथवा क्षेत्र में कम अथवा पीछे नहीं है|
महिला-पुरुष में समानता— प्राचीन काल से ही पुरुषों ने स्त्रियों को अपने अनुसार चलाने के लिए उन्हें दवाने और नियंत्रित करने की कोशिश की| वर्तमान में भी इस प्रकार की पुरुषवादी सोच पुरुषवर्ग में हावी है और ऐसे लोगों की संख्या आज भी कम नहीं है जो नारी को सिर्फ उपभोग की बस्तु समझते हैं और उनके अनुसार उसकी जगह घर की चारदीवारी तक ही सीमित है| नारियों को अपने जीवन में आगे बढ़ने, शिक्षा ग्रहण करने, नौकरी करने आदि में कदम-कदम पर इस सोच का सामना करना पड़ता जो उसे आगे बढ़ने से रोकती है| नारियों को संगठित होकर इस सोच के खिलाफ खड़ा होना जरूरी है तभी समाज एवं परिवार में उन्हें बराबरी का दर्जा मिलेगा और वे भी एक स्वतंत्र जीवन जीने में सक्षम होंगी|
निहित कठिनाइयां— एक महिला का जीवन एक पुरुष के जीवन से बहुत कठिन होता है| जब वह एक लड़की होती है तो शिक्षा, नौकरी के लिए उसे निरंतर पुरुषवादी सोच से लड़ना पड़ता है, जब उसका विवाह हो जाता है तो फिर वह अपने पारिवारिक बंधनों में बंध जाती है| इस प्रकार महिलाओं को अपने जीवन में आगे बढ़ने, जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले लेते वक्त अनेक कठिनाइयों सामना करना पड़ता है| जब वह स्वयं के जीवन से संबंधित कोई भी फैसला लेती है तो उस फैसले को लेने से पहले अपने परिवार, समाज आदि के बारे में सोचना पड़ता है| अगर संक्षेप में कहा जाए तो एक महिला का जीवन बहुत सारी कठिनाइयों से भरा होता है उसके जीवन के पथ में काँटे ही काँटे है लेकिन उसके वावजूद भी वर्तमान महिलाओं ने इन सभी कठिनाइयों का सामना कर प्रत्येक क्षेत्र में प्रवेश किया है और साथ ही उस क्षेत्र में नए-नए प्रतिमान भी स्थापित किये हैं| महिलाओं के जीवन में कठिनाइयाँ तो बहुत हैं लेकिन वर्तमान महिलाओं ने उतनी ही मजबूती से उन सभी कठिनाइयों का सामना किया है और अपना मुकाम हासिल किया है|
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