निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर संकेत बिन्दुओं के आधार पर 80 से 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिएः
क) अपनी मातृभाषा
• परिचय
• विशेषताएँ
• क्या करें
परिचय— मातृभाषा देश में भावात्मक तथा सांस्कृतिक एकता स्थापित करने का एक सबसे महत्वपूर्ण साधन होती है| देश के सर्वाधिक नागरिक इसी भाषा को बोलते, समझते हैं| हमारी मातृभाषा हिंदी है जोकि प्रमुखतः उत्तर एवं मध्य भारत में बोली जाती है| जैसे कि-मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश आदि| हिंदी भाषा बोलने, पढ़ने, लिखने में काफी आसान है इसी कारण से भारत के अधिकतर लोग इस भाषा में अभ्यस्त हैं| ऐसे राज्य जहाँ हिंदी भाषी लोगों की संख्या बहुत कम है और वहाँ के लोगों द्वारा कोई अन्य स्थानीय भाषा बोली जाती है वहाँ के लोग भी हिंदी भाषा बोलते एवं समझते हैं|
विशेषताएं— मानव के द्वारा बोली जाने वाली प्रत्येक भाषा का एक वैज्ञानिक रूप होता है। इसी प्रकार हिंदी भाषा का भी एक वैज्ञानिक रूप है| बोलियाँ और उपभाषाएँ जैसे-अवधी, बृजभाषा, बुन्देली आदि हैं| भारत एक बहुभाषी देश है और इसके प्रत्येक क्षेत्र में एक नयी भाषा अथवा बोली बोली जाती है| हिन्दी भाषा की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि हमारे देश में रहने वाले भारतीय लोग किसी भी प्रांत के रहने वाले हो उनकी मातृभाषा कोई भी हो वे हिन्दी समझते हैं और किसी न किसी रूप में व्यवहार में लाते हैं। इस प्रकार कहें तो हिंदी बोलने वालों की संख्या, इतिहास एवं साहित्य के आधार पर एक परिष्कृत भाषा है|
क्या करें— भारत एक विविधताओं से परिपूर्ण राष्ट्र होते हुए भी अपनी एकल-सांस्कृतिक-चेतना के लिए विश्वविख्यात है। हिन्दी और इसकी बोलियाँ उत्तर के साथ-साथ मध्य भारत के राज्यों के लोगों द्वारा व्यवहार में लाई जाती हैं| वर्तमान में भारतीयों के बीच अंग्रेजी का चलन बड़ी तेजी से बढ़ रहा है जबकि प्राचीन काल से ही भारतीयों के द्वारा हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाता रहा है| वर्तमान में आधुनिकता अथवा पश्चिमीकरण की अंधाधुंध दौड़ में लोगों ने हिंदी को कमतर समझ अंग्रेजी की दौड़ शुरू कर दी है| हमें अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए और अपनी मातृभाषा से कभी दूर नहीं होना चाहिए| हिंदी हमारी संस्कृति का हिस्सा है और अगर हम इसे भुला देते हैं तो हम हमारी जड़ों से कट जायेंगे|
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.