निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
क) पाठ ‘गिन्नी का सोना’ के संदर्भ में शुद्ध आदर्श क्या है?
ख) जनरल साहब के बावर्ची ने कुत्ते के बारे में क्या कहा?
ग) अरब में लशकर को नूह के नाम से क्यों याद करते हैं?
(क) पाठ गिन्नी का सोना में शुद्ध आदर्श जिसमें व्यावहारिकता का स्थान न हो बल्कि आदर्शों को महत्ता दी जाए| शुद्ध आदर्शों पर कभी व्यावहारिकता हावी नहीं होती है। शुद्ध आदर्श में पूरे समाज की भलाई छिपी होती है। जो समाज के मूल्यों को बनाए रखने में सक्षम हो वही शुद्ध आदर्श हैं।
(ख) बावर्ची ने बताया कि जनरल साहब को किसी दूसरे नस्ल के कुत्ते का शौक था। यह कुत्ता बारजोयस नस्ल का है। बावर्ची ने ये भी कहा कि यह कुत्ता जनरल साहब के भाई का है|
(ग) अरबवासी लशकर को नूह की उपाधि के रूप में याद करते हैं। नूह को पैगंबर या ईश्वर का दूत भी कहा गया है। नूह करुणा और दया का स्वरूप है। उनके पावन ग्रंथों में भी इसका जिक्र है।
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.