क) कवि ने कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है?
ख) पीले वस्त्र में सुशोभित कृष्ण के रूप में सौंदर्य का वर्णन कीजिए
ग) कवि ने तालाब की समानता किसके साथ की है?
(क) कवि ने ऐसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है जो मानव का परोपकार करते हुए आती है। जो उदार व्यक्ति होते हैं वो सदा परोपकार करते हैं। उन व्यक्तियों की चर्चा दूर-दूर तक होती है। जब ऐसे लोगों की मृत्यु होती है तो लोग उन्हें वर्षों तक याद रखते हैं। धरती इन लोगों की ऋणी होती है| इस प्रकार की मृत्यु को ही सुमृत्यु कहा जाता है|
(ख) मीराबाई ने श्रीकृष्ण की सुंदरता का बहुत ही सुंदर वर्णन किया है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का सिर पर मोर मुकुट शोभायमान हो रहा है। वो पीले वस्त्र पहने हैं और गले में बैजयंती माला उनके सौंदर्य में चार चाँद लगा रही है। उनके शरीर पर पीले वस्त्र ऐसे सुशोभित हो रहे हैं जैसे नीलमणि पर्वत पर प्रातकालीन सूर्य की किरणें| उनका बांसुरी बजाते हुए गाय चराने का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है|
(ग) कवि ने तालाब की तुलना दर्पण से की है क्योंकि तालाब का जल अत्यंत स्वच्छ व निर्मल है। वह प्रतिबिंब दिखाने में सक्षम है। दोनों ही पारदर्शी, दोनों में ही व्यक्ति अपना प्रतिबिंब देख सकता है। तालाब के जल में पर्वत और उस पर लगे हुए फूलों का प्रतिबिंब स्वच्छ दिखाई दे रहा था। काव्य सौंदर्य को बढ़ाने के लिए, अपने भावों की पूर्ण अभिव्यक्ति के लिए कवि ने ऐसा रूपक बाँधा है।
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