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निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।


पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारू। चहत उड़ावन फूंकि पहारू।।


इहाँ कुम्हडबतिआ कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।


देखि कुठारू सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।


भृगसुत समुझि जनेउ बिलोकी। जो कछु कहहु सहों रिसरोकी


सुरमहिसुर हरिजन अरू गाई। हमरे कुल इन्ह पर ने सुराई।।


सुरमहिसुर हरिजन अरू गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई।।


कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा। व्यर्थ धरहु धनु बानकुठारा।।


कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा। व्यर्थ धरहु धनु बानकुठारा।।


क) रघुकुल की परंपरा की क्या विशेषताएँ बताई गई हैं?


ख) इहाँ कुम्हडबतिआ कोउ नाहीं। जे तरजनी मरि जाहीं। कहकर लक्ष्मण ने अपनी कौन सी विशेषता बताई है?


ग). प्रस्तुत काव्यांश में ‘कुम्हडबतिया’ शब्द किससे लिए प्रयोग किया गया है?

क) रघुकुल की विशेषता थी कि वहां के व्यक्ति देवता, ब्राहम्ण, भगवान के भक्त और गाय इन सभी पर वीरता का प्रदर्शन नहीं करते हैं।


ख) लक्ष्मण ने कहा, 'हमें कुम्हड़े के छोटे पौधे की तरह मत समझिए जो तर्जनी दिखाने पर मुरझा जाता है।' ऐसा कहकर उन्होंने अपनी निर्भीकता और वीरता के बारे में बतया है।


ग) प्रस्तुत काव्यांश में यह शब्द कमजोर और निर्बल व्यक्तियों के लिए प्रयोग किया गया है।


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निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिये गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

पढ़ने लिखने में स्वयं कोई बात ऐसी नही जिससे अनर्थ हो सके। अनर्थ का बीच उसमें हरगिज नहीं। अनर्थ पुरूषों से भी होते हैं। अपढ़ों और पढ़े लिखो, दोनों से अनर्थ, दुराचार और पापाचार के कारण और ही होते हैं और वे व्यक्ति विशेष का चाल चलन देखकर जाने भी जा सकते हैं। अतएव स्त्रियों को अवश्य पढांना चाहिए। जो लोग यह कहते है कि पूराने जमाने में यहाँ स्त्रियाँ न पढती थीं अथवा उन्हें पढने की मुमानियत थी वे या तो इतिहास से अभिज्ञता नहीं रखते या जान बूझकर लोगों को धोखा देते हैं। समाज की दृष्टि में ऐसे दंडनीय हैं क्योंकि स्त्रियों को निरक्षर रखने का उपदेश समाज का अपकार और अपराध करना है-समाज की उन्नति में बाधा डालना हैं।


क) कुछ लोग स्त्री शिक्षा के विरोध में क्या तर्क देते हैं और क्यों?


ख) अनर्थ का मूल स्रोत क्या है?


ग) स्त्री शिक्षा के विरोधी दंडनीय क्यों हैं।

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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए-

क). देवदार की छाया और फादर कामिल बुल्के के व्यक्तित्व में क्या समानता थी?


ख). शिष्या ने डरते हुए बिस्मिल्ला खाँ से क्या कहा? खाँ साहब ने उसे कैसे समझाया?


ग) बालगोबिन भगत की पुत्रवधू की ऐसी कौन सी इच्छा थी जिसे वे पूरा न कर सके?


घ). ‘एक कहानी यह भी’ नामक पाठ की लेखिका मन्नू भंडारी का साहित्य की अच्छी पुस्तकों से परिचय कैसे हुआ?

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निम्मलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए

क). ‘आत्मकथ्य’ कविता में जीवन के किस पक्ष का वर्णन किया गया है?


ख). ‘श्री सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ‘द्वारा रचित कविता ‘उत्साह’ के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए|


ग). ‘कन्यादान’ कविता में वस्त्र और आभूषणों को शाब्दिक भ्रम क्यों कहा गया है?


घ). मुख्य गायक एवं संगतकार के मध्य जुड़ी कड़ी अगर टूट जाए तो उसके क्या परिणाम हो सकते हैं ? स्पष्ट कीजिए|

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‘साना साना हाथ जोडि’ पाठ में कहा गया है कि कटाओ पर किसी दुकान का न होना वरदान है। ऐसा क्यों? भारत के अन्य प्राकृतिक स्थानों को वरदान बनाने में नवयुवकों की क्या भूमिका हो सकती है? स्पष्ट कीजिए।

अथवा


‘माता का अंचल’ पाठ में वर्णित तत्कालीन विद्यालयों के अनुशासन से वर्तमान युग के विद्यालयों के अनुशासन की तुलना करते हुए बताइए कि आप किस अनुशासन व्यवस्था को अच्छा मानते हैं और क्यों?