Q10 of 16 Page 1

निम्मलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए

क). ‘आत्मकथ्य’ कविता में जीवन के किस पक्ष का वर्णन किया गया है?


ख). ‘श्री सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ‘द्वारा रचित कविता ‘उत्साह’ के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए|


ग). ‘कन्यादान’ कविता में वस्त्र और आभूषणों को शाब्दिक भ्रम क्यों कहा गया है?


घ). मुख्य गायक एवं संगतकार के मध्य जुड़ी कड़ी अगर टूट जाए तो उसके क्या परिणाम हो सकते हैं ? स्पष्ट कीजिए|

क) 'आत्मकथ्य' कविता में कवि ने जीवन के यथार्थ और अभाव पक्ष का वर्णन किया गया है। इस पाठ के माध्यम से कवि ने यह बताया है कि किस प्रकार से एक आम इंसान को अपने जीवन में किस प्रकार अभावों और यथार्थ से परिपूर्ण जीवन जीना पड़ता है साथ ही कवि ने इससे संघर्ष करने की बात भी पाठ में कही है|


ख) 'श्री सूर्यकांत त्रिपाठी निराला' द्वारा रचित कविता का शीर्षक 'उत्साह' इसलिए रखा गया है क्योंकि बादल वर्षा करके पीड़ित प्यासे जन की आकांक्षा को पूरा करके उनके जीवन में आशा, उत्साह और नई चेतना का संचार करते हैं। यह शीर्षक इस कविता के लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि बादलों की वर्षा के पश्चात आम जन, पेड़ पौधे आदि में उत्साह का संचार होते है|


ग) शब्दों के भ्रम की तरह ही नारी जीवन भर वस्त्र और आभूषणों के मोह में बंधी रहती है| वह अपने सम्पूर्ण जीवन में वस्त्रों और आभूषणों का भारी मात्रा में संग्रह करती है जितना कि वह उपभोग भी नहीं कर सकती| इसलिए कवि ने कन्यादान कविता में वस्त्राभूषणों को 'शाब्दिक भ्रम' कहकर उन्हें नारी जीवन का बंधन माना है। अर्थात नारी इन वस्त्र और आभूषणों के क्षणिक सुख के कारण इनके बंधन में बंधकर रह जाती है और जीवन के असली सुखों से वंचित रहती है|


घ) अगर यह कड़ी टूट गई तो मुख्य गायक अपने गायन को सफलतापूर्वक और कुशलता से पूर्ण नहीं कर पायेगा| जब मुख्य गायक अपने सुरों से भटकने लगेगा तो कोई उसे संभालने वाला नहीं होगा, गाते-गाते उसकी सांस फूलने पर कोई उसे सहयोग करने वाला गायक नहीं होगा| अतः आसान भाषा में कहा जाए तो मुख्य गायक और संगतकार के बीच की कड़ी मुख्य गायक की सफलता के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है|


More from this chapter

All 16 →
8

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए-

क). देवदार की छाया और फादर कामिल बुल्के के व्यक्तित्व में क्या समानता थी?


ख). शिष्या ने डरते हुए बिस्मिल्ला खाँ से क्या कहा? खाँ साहब ने उसे कैसे समझाया?


ग) बालगोबिन भगत की पुत्रवधू की ऐसी कौन सी इच्छा थी जिसे वे पूरा न कर सके?


घ). ‘एक कहानी यह भी’ नामक पाठ की लेखिका मन्नू भंडारी का साहित्य की अच्छी पुस्तकों से परिचय कैसे हुआ?

9

निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।


पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारू। चहत उड़ावन फूंकि पहारू।।


इहाँ कुम्हडबतिआ कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।


देखि कुठारू सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।


भृगसुत समुझि जनेउ बिलोकी। जो कछु कहहु सहों रिसरोकी


सुरमहिसुर हरिजन अरू गाई। हमरे कुल इन्ह पर ने सुराई।।


सुरमहिसुर हरिजन अरू गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई।।


कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा। व्यर्थ धरहु धनु बानकुठारा।।


कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा। व्यर्थ धरहु धनु बानकुठारा।।


क) रघुकुल की परंपरा की क्या विशेषताएँ बताई गई हैं?


ख) इहाँ कुम्हडबतिआ कोउ नाहीं। जे तरजनी मरि जाहीं। कहकर लक्ष्मण ने अपनी कौन सी विशेषता बताई है?


ग). प्रस्तुत काव्यांश में ‘कुम्हडबतिया’ शब्द किससे लिए प्रयोग किया गया है?

11

‘साना साना हाथ जोडि’ पाठ में कहा गया है कि कटाओ पर किसी दुकान का न होना वरदान है। ऐसा क्यों? भारत के अन्य प्राकृतिक स्थानों को वरदान बनाने में नवयुवकों की क्या भूमिका हो सकती है? स्पष्ट कीजिए।

अथवा


‘माता का अंचल’ पाठ में वर्णित तत्कालीन विद्यालयों के अनुशासन से वर्तमान युग के विद्यालयों के अनुशासन की तुलना करते हुए बताइए कि आप किस अनुशासन व्यवस्था को अच्छा मानते हैं और क्यों?

12

निम्नलिखित मे से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 200 से 250 शब्दों में निबंध लिखिए-

स्वच्छ भारत एक कदम स्वच्छता की ओर


प्रस्तावना


स्वच्छता का महत्व


वर्तमान समय में स्वच्छता को लेकर भारत की स्थिति


स्वच्छ भारत अभियान का आरंभ एवं लक्ष्य


उपसंहार