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निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं चार वाक्यों के रखांकित पदों का पद—परिचय दीजिये (कोई चार)

(1) सूर्योदय हुआ और पक्षी चाहचाहने लगे।


(2) वीर पुरुषों का सर्वत्र आदर किया जाता है।


(3) अध्यापिका ने बच्चों को एक कहानी सुनाई।


(4) अवनि कल आएगी।


(5) इलाहाबाद में तीन नदियों का संगम है।

(1) और- समुच्चयबोधक अव्यय।


(2) वीर-गुणवाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग, विशेष्य—पुरुषों


(3) सुनाई-सकर्मक क्रिया, एकवचन, स्त्रीलिंग, भूतकाल


(4) कल- कालवाचक क्रियाविशेषण, ‘आएगी’ क्रिया की विशेषता


(5) इलाहाबाद- व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, अधिकरण कारक


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3

निर्देशानुसार किन्हीं तीन का उत्तर लिखिए –

(1) युवा धनुर्धर को सेनापति ने युद्ध में भेजा।


(मिश्र वाक्य में बदलिए)


(2) मैं विद्यालय पहुँचा परंतु घंटी बज चुकी थी।


(सरल वाक्य में बदलिए)


(3) जो मन लगाकर काम करते हैं, उन्हें सफलता मिलती है।


(आश्रित उपवाक्य छांटकर भेद भी लिखिए)


(4) मेरी माँ चाहती हैं कि मैं अच्छा इंसान बनूँ।


(रेखांकित उपवाक्य का भेद लिखिए)

4

निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं चार वाक्यों का निर्देशानुसार वाच्य परिवर्तन कीजिए-

(1) मोहन से पैदल चला नहीं जाता। (कर्तृवाच्य में बदलिए)


(2) आओ, वहाँ बैठे। (भाववाच्य में बदलिए)


(3) किसना खेतों में बीज बोता है। (कर्मवाच्य में बदलिए)


(4) छात्रों द्वारा पाठ याद किया जाता है। (कर्तृवाच्य में बदलिए)


(5) पक्षी आकाश में उड़ेंगे। (कर्मवाच्य में बदलिए)

6

निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

(1) ‘वीर’ रस का एक उदाहरण लिखिए।


(2) निम्नलिखित काव्य पंक्तियों में रस पहचान कर लिखिए-


एक ओर अजगरहि लखि, एक ओर मृगराय।


विकल बटोही बीच ही परयो मूरछा खाय||


(3)‘निर्वेद’ किस रस का स्थायी भाव है?


(4) करुण रस का स्थायी भाव क्या है?


(5) घृणित वस्तुओं को देखकर अथवा उनके बारे में सुनकर मन में जो भाव उत्पन्न होता है, उससे किस रस की व्युत्पत्ति होती है?

7

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

मैं नहीं जानता इस सन्यासी ने कभी सोचा था या नहीं कि उसकी मृत्यु पर कोई रोएगा लेकिन उस क्षण रोने वालों की कमी नहीं थी। (नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है।) इस तरह हमारे बीच से वह चला गया जो हममें से सबसे अधिक छायादार फल-फूल गंध से भरा और सबसे अलग, सबका होकर, सबसे ऊँचाई पर, मानवीय करुणा की दिव्य चमक में लहलहाता खड़ा था। जिसकी स्मृति हम सबके मन में (जो उनके निकट थे) किसी यज्ञ की पवित्र आग की आँच की तरह आजीवन बनी रहेगी। मैं उस पवित्र ज्योति की याद में श्रद्धानत हूँ।


(1) नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है ‘ऐसा लेखक ने क्यों कहा?


(2) लेखक ने फ़ादर के लिए किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया है और क्यों?


(3) गद्यांश में फ़ादर की स्मृति को किसके समान बताया गया है?