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निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्ही चार प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए-

(1) हालदार साहब के लिए कौन-सा कौतूहल दुर्दमनीय हो उठा, जिसे पानवाले से पूछे बिना नहीं रह सके?


(2) बालगोबिन भगत की दिनचर्या लोगों के अचरज का कारण क्यों थी?


(3) लेखिका मन्नू भंडारी अपने ही घर में हीन भावना का शिकार क्यों हो गई?


(4) उस्ताद बिस्मिल्ला खां काशी छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते थे?


(5) नवाब साहब खीरा खाने के अपने ढंग के माध्यम से क्या दिखाना चाहते थे?

(1) हालदार साहब उस चौराहे से तीसरी बार गुजर रहे थे। उन्होंने दुकान पर रुककर पान खाया। जब उनकी नजर मूर्ति पर पड़ी तो उन्होंने देखा कि इस बार भी चश्मा बदला हुआ था। मूर्ति का चश्मा एक बार फिर बदला हुआ देख हालदार के लिए कौतूहल दुर्दमनीय हो गया। इसके बाद उन्होंने पानवाले से पूछ ही लिया कि आखिरकार तुम्हारे नेताजी का चश्मा हर बार कैसे बदल जाता है।


(2) बालगोबिन भगत बहुत ही सादगी से अपना जीवन जीते थे। उनका स्वभाव सरल और निस्वार्थ था। जो चीज उनके पास होती थी वो उसी में काम चलाया करते थे। वो बिना पूछे किसी दूसरे की चीज को छूते तक नहीं थे। इसी कारण बालगोबिन भगत की दिनचर्या देख लोग अचरज में पड़ जाते थे।


(3) लेखिका मन्नू भंडारी का रंग बचपन से सांवला था। वो दुबली-पतली भी थीं। जबकि उनकी बड़ी बहन सुशीला गोरी और अच्छी कद—काठी वाली थी। मन्नू के पिता को गोरा रंग पसंद था। वो बातों-बातों में मन्नू की तुलना उनकी बड़ी बहन से कर दिया करते थे। पिता की ये बातें मन्नू को बहुत बुरी लगती थीं। ये बातें सुनते-सुनते लेखिका के मन में स्वयं के प्रति हीन भावना पैदा हो गई थी।


(4) उस्ताद बिस्मिल्ला खां की बहुत सारी यादें काशी से जुड़ी हुई थीं। उन्हें काशी से इसलिए भी बहुत लगाव था क्योंकि बाबा विश्वनाथ और बालाजी का मंदिर वहाँ था। विश्वनाथ और बालाजी में उनकी बहुत आस्था थी। उनके पूर्वज ने काशी में रहकर शहनाई बजाई। काशी में ही बिस्मिल्ला खां का बचपन बीता था। इसलिए वो काशी छोड़कर कहीं और नहीं जाना चाहते थे।


(5) नवाब साहब को दिखावा करने की आदत थी। नवाब साहब पहले खीरे को सूंघते हैं और फिर उसे खाते हैं। वो लेखक को ये दिखाना चाहते थे कि नवाब जैसे रईस लोग खीरे जैसी साधारण चीज को भी आनंद लेकर खाते हैं। ऐसा वो दिखावा करने की प्रवृत्ति के चलते करते थे।


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निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

(1) ‘वीर’ रस का एक उदाहरण लिखिए।


(2) निम्नलिखित काव्य पंक्तियों में रस पहचान कर लिखिए-


एक ओर अजगरहि लखि, एक ओर मृगराय।


विकल बटोही बीच ही परयो मूरछा खाय||


(3)‘निर्वेद’ किस रस का स्थायी भाव है?


(4) करुण रस का स्थायी भाव क्या है?


(5) घृणित वस्तुओं को देखकर अथवा उनके बारे में सुनकर मन में जो भाव उत्पन्न होता है, उससे किस रस की व्युत्पत्ति होती है?

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निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

मैं नहीं जानता इस सन्यासी ने कभी सोचा था या नहीं कि उसकी मृत्यु पर कोई रोएगा लेकिन उस क्षण रोने वालों की कमी नहीं थी। (नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है।) इस तरह हमारे बीच से वह चला गया जो हममें से सबसे अधिक छायादार फल-फूल गंध से भरा और सबसे अलग, सबका होकर, सबसे ऊँचाई पर, मानवीय करुणा की दिव्य चमक में लहलहाता खड़ा था। जिसकी स्मृति हम सबके मन में (जो उनके निकट थे) किसी यज्ञ की पवित्र आग की आँच की तरह आजीवन बनी रहेगी। मैं उस पवित्र ज्योति की याद में श्रद्धानत हूँ।


(1) नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है ‘ऐसा लेखक ने क्यों कहा?


(2) लेखक ने फ़ादर के लिए किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया है और क्यों?


(3) गद्यांश में फ़ादर की स्मृति को किसके समान बताया गया है?

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निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

ऊधौ, तुम हौ अति बड़भागी।


अपरस रहत सनेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी।


पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी।


ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूंद न ताकौं लागी।


प्रीती-नदी मैं पोऊ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी।


सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चांटी ज्यौं पागी||


(1) गोपियों ने क्या कहकर उद्धव पर व्यंग्य किया है?


(2) गोपियों ने उद्धव के व्यवहार की तुलना किस-किस से की है और क्यों?


(3) गोपियों ने अपनी तुलना गुड़ से लिपटी चीटियों से क्यों की है?

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निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए-

(1) ‘संगतकार’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि संगतकार जैसे व्यक्ति सर्वगुण सम्पन्न होकर भी समाज में आगे न आकर प्राय: पीछे ही क्यों रहते हैं?


(2) धनुष भंग करने वाली सभा में एकत्रित जन ‘हाय-हाय’ क्यों पुकारने लगे थे?


(3) ‘राम-लक्ष्मण परशुराम संवाद’ पाठ के आधार पर अपने विचार लिखिए।


(4) वर्तमान सन्दर्भों में ‘कन्यादान’ कविता कितनी उपयुक्त है? स्पष्ट कीजिए।


(5) सामाजिक क्रांति में साहित्य की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ‘उत्साह’ कविता के आधार पर इस कथन की समीक्षा किजिए।


(6) यह ‘दंतुरित मुस्कान’ कविता में ‘बाँस और बबूल’ किसके प्रतीक बताए गए हैं?


इन पर शिशु की मुस्कान का क्या असर होता है?