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निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

(1) ‘वीर’ रस का एक उदाहरण लिखिए।


(2) निम्नलिखित काव्य पंक्तियों में रस पहचान कर लिखिए-


एक ओर अजगरहि लखि, एक ओर मृगराय।


विकल बटोही बीच ही परयो मूरछा खाय||


(3)‘निर्वेद’ किस रस का स्थायी भाव है?


(4) करुण रस का स्थायी भाव क्या है?


(5) घृणित वस्तुओं को देखकर अथवा उनके बारे में सुनकर मन में जो भाव उत्पन्न होता है, उससे किस रस की व्युत्पत्ति होती है?

(1) बुंदेले हरबोलो के मुंह हमने सुनी कहानी थी,

खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी।


(2) भयानक रस।


इसका स्थायी भाव भय होता है जब किसी भयानक या अनिष्टकारी व्यक्ति या वस्तु को देखने या उससे सम्बंधित वर्णन करने या किसी अनिष्टकारी घटना का स्मरण करने से मन में जो व्याकुलता उत्पन्न होती है उसे भय कहते हैं उस भय के उत्पन्न होने से जिस रस कि उत्पत्ति होती है उसे भयानक रस कहते हैं इसके अंतर्गत कम्पन, पसीना छूटना, मुँह सूखना, चिन्ता आदि के भाव उत्पन्न होते हैं।


(3) शांत रस


इसका स्थायी भाव निर्वेद (उदासीनता) होता है इस रस में तत्व ज्ञान कि प्राप्ति अथवा संसार से वैराग्य होने पर, परमात्मा के वास्तविक रूप का ज्ञान होने पर मन को जो शान्ति मिलती है वहाँ शान्त रस कि उत्पत्ति होती है जहाँ न दुःख होता है, न द्वेष होता है मन सांसारिक कार्यों से मुक्त हो जाता है मनुष्य वैराग्य प्राप्त कर लेता है शान्त रस कहा जाता है।


(4) करुण रस का स्थायी भाव शोक होता है।


इसका स्थायी भाव शोक होता है इस रस में किसी अपने का विनाश या अपने का वियोग, द्रव्यनाश एवं प्रेमी से सदैव विछुड़ जाने या दूर चले जाने से जो दुःख या वेदना उत्पन्न होती है उसे करुण रस कहते हैं यधपि वियोग श्रंगार रस में भी दुःख का अनुभव होता है लेकिन वहाँ पर दूर जाने वाले से पुनः मिलन कि आशा बंधी रहती है।


(5) वीभत्स रस।


वीभत्स रस (अंग्रेजी-Odious, disgust)काव्य में मान्य नव रसों में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। इसकी स्थिति दु:खात्मक रसों में मानी जाती है। इसके परिणामस्वरूप घृणा, जुगुप्सा उत्पन्न होती है। इस दृष्टि से करुण, भयानक तथा रौद्र, ये तीन रस इसके सहयोगी या सहचर सिद्ध होते हैं। शान्त रस से भी इसकी निकटता मान्य है, क्योंकि बहुधा बीभत्सता का दर्शन वैराग्य की प्रेरणा देता है और अन्तत: शान्त रस के स्थायी भाव शम का पोषण करता है।


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निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं चार वाक्यों का निर्देशानुसार वाच्य परिवर्तन कीजिए-

(1) मोहन से पैदल चला नहीं जाता। (कर्तृवाच्य में बदलिए)


(2) आओ, वहाँ बैठे। (भाववाच्य में बदलिए)


(3) किसना खेतों में बीज बोता है। (कर्मवाच्य में बदलिए)


(4) छात्रों द्वारा पाठ याद किया जाता है। (कर्तृवाच्य में बदलिए)


(5) पक्षी आकाश में उड़ेंगे। (कर्मवाच्य में बदलिए)

5

निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं चार वाक्यों के रखांकित पदों का पद—परिचय दीजिये (कोई चार)

(1) सूर्योदय हुआ और पक्षी चाहचाहने लगे।


(2) वीर पुरुषों का सर्वत्र आदर किया जाता है।


(3) अध्यापिका ने बच्चों को एक कहानी सुनाई।


(4) अवनि कल आएगी।


(5) इलाहाबाद में तीन नदियों का संगम है।

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निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

मैं नहीं जानता इस सन्यासी ने कभी सोचा था या नहीं कि उसकी मृत्यु पर कोई रोएगा लेकिन उस क्षण रोने वालों की कमी नहीं थी। (नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है।) इस तरह हमारे बीच से वह चला गया जो हममें से सबसे अधिक छायादार फल-फूल गंध से भरा और सबसे अलग, सबका होकर, सबसे ऊँचाई पर, मानवीय करुणा की दिव्य चमक में लहलहाता खड़ा था। जिसकी स्मृति हम सबके मन में (जो उनके निकट थे) किसी यज्ञ की पवित्र आग की आँच की तरह आजीवन बनी रहेगी। मैं उस पवित्र ज्योति की याद में श्रद्धानत हूँ।


(1) नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है ‘ऐसा लेखक ने क्यों कहा?


(2) लेखक ने फ़ादर के लिए किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया है और क्यों?


(3) गद्यांश में फ़ादर की स्मृति को किसके समान बताया गया है?

8

निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्ही चार प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए-

(1) हालदार साहब के लिए कौन-सा कौतूहल दुर्दमनीय हो उठा, जिसे पानवाले से पूछे बिना नहीं रह सके?


(2) बालगोबिन भगत की दिनचर्या लोगों के अचरज का कारण क्यों थी?


(3) लेखिका मन्नू भंडारी अपने ही घर में हीन भावना का शिकार क्यों हो गई?


(4) उस्ताद बिस्मिल्ला खां काशी छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते थे?


(5) नवाब साहब खीरा खाने के अपने ढंग के माध्यम से क्या दिखाना चाहते थे?