Q1 of 17 Page 1

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

सुख विश्वास से ही उत्पन्न होता है| सुख जड़ता से उत्पन्न होता है| पुराने ज़माने के लोग इसलिए सुखी थे कि ईश्वर की सता में उन्हें विश्वास था| उस जमाने के नमूने आज भी हैं, मगर वे महानगरों में कम मिलते हैं| उनका जमघट गाँवों, कस्बों और छोटे-छोटे नगरों में हैं| इनके बहुत अधिक असंतुष्ट न होने के कारण यह है कि जो चीज उनके बस में नहीं है, उसे वे अदृश्य की इच्छा पर छोड़कर निश्चिंत हो जाते हैं| इस प्रकार सुखी वे लोग होगे हैं, जो सच्चे अर्थो में जड़तावादी है, क्योंकि उनकी आत्मा पर काठखोदी चिड़िया चोंच नहीं मारा करती, किन्तु जो न जड़ता का त्याग करता है और न ईश्वर के आस्तित्व का| असली वेदना उसी संदेहवादी मनुष्य की वेदना है| ‘परिचय’ का आधुनिक बोध इसी पीड़ा से ग्रस्त है| वह मनुष्य न तो जानवर की तरह खा-पीकर संतुष्ट रह सकता है, न अदृश्य का अवलंब लेकर चिंता मुक्त हो सकता है| इस अभागे मनुष्य के हाथ न तो लोक रह गया है, न परलोक| लोक इसलिए नहीं कि वह जानवर बनकर जीने को तैयार नहीं है और परलोक इसलिए की विज्ञान उसका समर्थन नहीं करता है| निदान, सदेहवाद के झटके खाता हुआ यह आदमी दिन-रात व्याकुल रहता है, और रह-रहकर अपनी समाप्ति की कल्पना करके अपनी व्याकुलता का रेचन करता है|


(1) किस प्रकार के इन्सान सुखी होते हैं और क्यों?


(2) संदेह वादी कौन होता है? वह निरंतर किस स्थिति से गुजरता रहता है?


(3) संदेह वादी लोक के सुख और परलोक के अनादर से वांचित क्यों रहता है?


(4) संदेह-वाद से पीड़ित व्यक्ति निरंतर किस प्रकार की अनुभूति से व्यथित रहता है?


(5) उपर्युक्त गद्यांश उपयुक्त शीर्षक दीजिए|

(1) जो इन्सान सच्चे अर्थो में जड़तावादी है वही इंसान सुखी रहते हैं| लेकिन ऐसे इंसान जो न जड़ता का त्याग करता है और न ईश्वर के आस्तित्व को मानते हैं वो इंसान अपने जीवन में कभी सुखी नहीं रह सकता|

(2) सॊदेह वादी उन्हें कहते हैं जो न जड़ता को ठीक प्रकार से अपनाते हैं एवं न ईश्वर में भरोसा रखते हैं वे हरसमय वेदना में रहते हैं कि वो किसे अपनाए| इसी कारण से वह व्यक्ति हमेशा संदेह में रहता है और संदेहवादी कहलाता है|


(3) संदेहवादी लोक सुख से इसलिए वंचित रहते हैं क्योंकि वह ना तो जानवर की तरह खा-पीकर अपना जीवन व्यतीत कर सकता है। वह परलोक के अनादर से इसलिए वंचित रहता है क्योंकि विज्ञान उसका समर्थन नहीं करता हैं। इसी कारण संदेहवादी सुख और परलोक के अनादर से वंचित है|


(4) संदेह-वाद से पीड़ित व्यक्ति का मन हमेशा अशांत रहता हैं। इस प्रकार अशांत रह रहकर वह अपने अंत का निरंतर विचार करता है और अपने मन की शान्ति भंग करता रहता हैं। वह अपने जीवन से संबंधित विभिन्न समस्याओं के हमेशा चिंतित और व्याकुल बना रहता है|


(5) मन में व्याकुलता और संदेह|


More from this chapter

All 17 →
2

निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

तू हिमालय नहीं, तू न गंगा-यमुना


तू त्रिवेणी नहीं, तू न रामेश्वरम


तू महाशील की है अमर कल्पना


देश| मेरे लिए तू परम वंदना|


मेघ करते नमन, सिंधु गोदावरी


है कराती युगों से तुझे आचमन


तू पुरातन बहुत, तू नए से नया


तू महाशील की है अमर कल्पना|


देश मेरे लिए तू महा-अर्चना


शक्ति-बल का समर्थक रहा सर्वदा


तू परम तत्व का नित विचारक रहा|


(1) कवि का देश को ‘महाशील की अमर कल्पना’ कहने से क्या तात्पर्य है?


(2) भारत देश पुराना होते हुए भी नित नूतन कैसे है?


(3) देश का सत्कार प्रकृति किस प्रकार करती है? काव्यांश के आधार पर स्पष्ट कीजिए|


अथवा


मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के|


आगे-आगे नाचती-गाती बयार चली,


दरवाजे-खिड़कियाँ खुलने लगी गली-गली|


पाहुन ज्यों आए हो गाँव में शहर के|


मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के||


पेड़ झुक झाँकने लगे गरदन उचकाए,


आँधी चली, धूल भागी घाघरा उठाए,


बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर जुहार की


बरस बाद सुधि लीन्ही-बोली अकुलाई लता ओट हो किवार की


(क) पाहुन किसे कहा गया है और क्यों?


(ख) बन-सँवर कर कौन आया और उससे क्या-क्या परिवर्तन हुए?


(ग) बूढ़ा पीपल किसके रूप में है और उसने क्या किया?

3

शब्द कब पद का रूप ले लेते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट किजिए|

अथवा


पद कहलाने के लिए शब्द के अपने स्वरूप में क्या परिवर्तन लाना पड़ता है?


उदाहरण सहित स्पष्ट किजिए|

4

नीचे लिखे वाक्यों में से किन्हीं तीन वाक्यों का निर्देशानुसार रचना के आधार पर वाक्य रूपांतरण कीजिए-

(क) बालक रोया और चुप हो गया| (सरल वाक्य)


(ख) सूर्योदय होने पर पक्षी चहचहाने लगे| (संयुक्त वाक्य)


(ग) तुम गाड़ी रुकने के स्थान पर चले जाओ| (मिश्र वाक्य)


(घ) वह पत्रिका पढ़ने के लिए पुस्तकालय गया| (संयुक्त वाक्य)

5

निम्नलिखित शब्दों में से किन्हीं दों शब्दों का समास-विग्रह करते हुए समास का नाम लिखिए|

(क) स्नेहमग्न, अंधकूप, शताब्दी


(ख) निम्नलिखित में से किन्ही दो के समास – विग्रह को समस्त पद में परिवर्तित करके समास का नाम लिखिए –


(अ) झड़ जाते हैं पत्ते जिस ऋतु में


(ब) पेट भर कर


(स) सुख और दुःख