शब्द कब पद का रूप ले लेते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट किजिए|
अथवा
पद कहलाने के लिए शब्द के अपने स्वरूप में क्या परिवर्तन लाना पड़ता है?
उदाहरण सहित स्पष्ट किजिए|
शब्द उसे कहते हैं जो दो या दो से अधिक वर्णों के एकत्र होने से बने है और जब कोई कोई सार्थक शब्द वाक्य मेँ प्रयोग होता है तो उसे पद कहते हैं| एक शब्द का जब वाक्य में उपयोग होता है, तो उसे व्याकरण के नियमों से पूरी तरह बांध दिया जाता है एवं यहाँ आकर उसका अस्तित्व पूरी तरह बदल जाता है। नियमों में बंधा शब्द पद का रूप ले लेता है। अब वह स्वतंत्र नहीं होता। जैसे आम एक शब्द है किंतु मीरा आम खा रहीं है – यहाँ आम पद है क्योंकि वह वाक्य के बंधन में बंध गया है|
अथवा
पद कहलाने के लिए शब्द को वाक्य स्वरूप का हिस्सा बनना पड़ता है और जब कोई कोई सार्थक शब्द वाक्य मेँ प्रयोग होता है तो उसे पद कहते हैं| एक शब्द का जब वाक्य में उपयोग होता है, तो उसे व्याकरण के नियमों से पूरी तरह बांध दिया जाता है एवं यहाँ आकर उसका अस्तित्व पूरी तरह बदल जाता है। नियमों में बंधा शब्द पद का रूप ले लेता है। अब वह स्वतंत्र नहीं होता।
विद्यालय एक शब्द है लेकिन जब इसे वाक्य में प्रयोग करते हैं ‘राम विद्यालय जाता है’ में विद्यालय एक पद है|
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