निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए –
तू हिमालय नहीं, तू न गंगा-यमुना
तू त्रिवेणी नहीं, तू न रामेश्वरम
तू महाशील की है अमर कल्पना
देश| मेरे लिए तू परम वंदना|
मेघ करते नमन, सिंधु गोदावरी
है कराती युगों से तुझे आचमन
तू पुरातन बहुत, तू नए से नया
तू महाशील की है अमर कल्पना|
देश मेरे लिए तू महा-अर्चना
शक्ति-बल का समर्थक रहा सर्वदा
तू परम तत्व का नित विचारक रहा|
(1) कवि का देश को ‘महाशील की अमर कल्पना’ कहने से क्या तात्पर्य है?
(2) भारत देश पुराना होते हुए भी नित नूतन कैसे है?
(3) देश का सत्कार प्रकृति किस प्रकार करती है? काव्यांश के आधार पर स्पष्ट कीजिए|
अथवा
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के|
आगे-आगे नाचती-गाती बयार चली,
दरवाजे-खिड़कियाँ खुलने लगी गली-गली|
पाहुन ज्यों आए हो गाँव में शहर के|
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के||
पेड़ झुक झाँकने लगे गरदन उचकाए,
आँधी चली, धूल भागी घाघरा उठाए,
बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर जुहार की
बरस बाद सुधि लीन्ही-बोली अकुलाई लता ओट हो किवार की
(क) पाहुन किसे कहा गया है और क्यों?
(ख) बन-सँवर कर कौन आया और उससे क्या-क्या परिवर्तन हुए?
(ग) बूढ़ा पीपल किसके रूप में है और उसने क्या किया?
(1) कवि का देश को ‘महाशील की अमर कल्पना’ कहने का यह तात्पर्य है कि यह देश नीतिपरक मूल्यों का आधार स्तंभ रहा है। इस समाज में नीतिपरक मूल्य के जीवित रहने तक यह देश जीवित हैं।
(2) भारत देश की संस्कृति बहुत पुरानी है लेकिन समय के साथ राष्ट्र के नागरिकों के समन्वयवादी दृष्टिकोण के कारण वह नए विचार एवं नए तौर तरीकों को अपनाता जाता हैं। इस प्रकार भारत देश पुराना होते हुए भी नित नूतन है।
(3) मेघ देश को प्रणाम करता है। समुंदर उसके पदकमल चूमता है। यहाँ अनेक वन एवं खेती हवा में झूमती है। हिमालय भारत के मुकुट के सामान शुशोभित होता है| हिमलाय से निकलने वाली विभिन्न नदियाँ यमुना, गोदावरी, गंगा आदि अपने पवित्र जल से इस देश को पवित्र बनाए रखती हैं| इस प्रकार प्रकृति भारत देश का सत्कार कर रही हैं।
अथवा
उत्तर:- (क) पाहून का अर्थ अतिथि होता है चूँकि बादल बहुत दिनों के बाद लौटे हैं और उनका लौटने के बाद एक अतिथि के समान सत्कार हो रहा है इसीलिये बादलों को पाहुन कहा गया है|
(ख) बन-सँवर कर मेघ आए हैं। मेघ के आने से हवा के तेज बहाव के कारण दरवाजे खिड़िकियां खुलने लगती हैं। मेघ के आने से पीपल का पुराना पेड़ अपनी गरदन झुकाने लगा एवं नदियों के पानी में उथल पुथल होने लगती हैं। अंत में जोर से बिजली कड़कने लगी और धरती को वर्षा का सुख प्राप्त हुआ।
(ग) बूढ़ा व्याक्ति गाँव का सबसे शयाना व्यक्ति और मेघ बहुत दिनों के बाद आये है इसीलिये वह उनका स्वागत करने के लिए तैयार है| अतः बूढ़ा व्यक्ति नवंगतुक का स्वागत करता है|
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