निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए-
सवेरे हम अपनी मंज़िल काठमांडू की ओर बढ़े। पहाड़ी खेतों में मक्के और अरहर की फसलें लहरा रही थीं। छोटे-छोटे गाँव और परकोटे वाले घर बहुत सुंदर लग रहे थे। शाम होते-होते हम काठमांडू पहुँच गए। आज काठमांडू पर लिखते हुए अंगुलियाँ काँप रही हैं। बैसे ही जैसे पच्चीस अप्रैल को काठमांडू की धरती काँप उठी थी। न्यूज चैनल जब धरहार स्तंभ को भरभराकर गिरते दिखा रहे थे, मेरा मन बैठा जा रहा था। क्या हुआ होगा धरहरा के इर्दगिर्द फेरी लगाकर सामान बेचने वालों का? और उस बाँसुरी वादक का जिसके सुरों ने मन मोह लिया था। और वे पर्यटक जो धरहरा के सौंदर्य में बिंधे उसका सौंदर्य निहारते। सब कुछ जानते हुए भी मन यही कर रह है कि सब ठीक हो।
रात को हम बाज़ार गए। बाजार इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों से अटा पड़ा था और दुकानों की मालकिनें मुस्तैदी से सामान बेच रही थीं। हमारे हिमालयी क्षेत्रों की तरह यहाँ भी अर्थव्यवस्था का आधार औरतें हैं। क्योंकि पहाड़ों पर पर्याप्त जमान नहीं होती और रोजगार के साधन भी बहुत नहीं होते, सो घर के पुरुष नीचे मैदानी इलाकों मे कमाने जाते हैं और घर परिवार की सारी जिम्मेदारी महिलाएँ उठाती हैं। यहाँ गाँव की महिलाएँ खेती और शहर की महिलाएँ व्यवसाय सँभालती हैं। मैंने देखा वे बड़ी कुशलता से व्यावसायिक दाँव-पेंच अपना रही थीं।
हम पोखरा होते हुए लौट रहे थे। रास्ते भर हिमाच्छादित चोटियाँ आँख मिचौली खेलती रहीं। राह में अनेक छोटे-बडे नगर-गाँव और कस्बे आते रहे। नेपाली औरतें घरों मे काम करती नजर आ रही थीं। मक्का कटकर घर आ चुकी थी। उसके गुच्छे घर के बाहर खूँटियों के बाहर लटकें नजर आ रहे थे। अब हम काली नदी के साथ-साथ चल रहे थे।
क) काठमांडू पर लिखने के लिए लेखक की अंगुलियाँ क्यों काँप रही थीं?
1. नेपाल में आया भूकंप याद हो आया
2. आतंवादी हमले में चोट थी
3. लेखक के हाथ में चोट थी
4. धरहरा स्तंभ अब कभी नहीं देख पाएगा
ख) लेखक दुखी और हताश क्यों था?
1. धरहरा स्तंभ भूकंप मे तहस-नहस हो गया था
2. न्यूज चैनल जब धरहरा स्तंभ दिखा रहे थे
3. लग रहा था जीवन क्षण भंगुर है
4. प्राकृतिक आपदा कहीं भी आ सकती है
ग) फेरीवाले और बाँसुरी वादक के लिए लेखक क्यों दुखी है?
1. भूकंप में वे नहीं बचे होंगे
2. उनका काम-धंधा ठप्प हो गया होगा
3. उनकी मुलाकात को कुछ समय ही हुआ था
4. उनसे अच्छी दोस्ती हो गई थी
घ) नेपाल में अर्थव्यवस्था का आधार औरतें क्यों हैं?
1. पुरुष रोज़गार के लिए बाहर जाकर काम करते हैं
2. महिलाएँ ज्यादा जिम्मेदार होती हैं
3. महिलाएँ पुरुषों पर कम विश्वास करती है
4. महिलाएँ मोल-भाव अच्छी तरह करती हैं
ङ) गद्य़ांश के लिए उपयुक्त शीर्षक होगा-
1. काठमांडू की यात्रा
2. पर्यटन और नेपाल
3. बाजार सँभालती नेपाली औरतें
4. भूकंप के बाद का शहर
क) नेपाल में आया भूकंप याद हो आया
काठमांडू पर लिखने के लिए लेखक की अंगुलियां इसलिए कांप रही थी क्योंकि कुछ साल पहले वहां भयंकर भूकंप आया था जिस वजह से सब कुछ बर्बाद हो गया था।
ख) न्यूज चैनल जब धरहरा स्तंभ दिखा रहे थे
लेखक दुखी और हताश इसलिए था क्योंकि जब काठमांडू में भूकंप आया था तो धरहरा स्तंभ तहस नहस हो गया था।
ग) भूकंप में वे नहीं बचे होंगे
फेरीवाले और बाँसुरी वादक के लिए लेखक इसलिए दुखी था क्योंकि भूकंप की वजह से भवन टूट गए थे, लोगों के घर उजड़ गए थे और फेरीवाले और बाँसुरी वादक भी उसमें नहीं बचे होंगे। लेखक इसीलिये उनके लिए दुखी था|
घ) पुरुष रोज़गार के लिए बाहर जाकर काम करते हैं
नेपाल में अर्थव्यवस्था का आधार औरतें इसलिए होती हैं क्योंकि पहाड़ों पर पर्याप्त जमान नहीं होती और रोजगार के साधन भी बहुत नहीं होते, सो घर के पुरुष नीचे मैदानी इलाकों मे आजीविका कमाने जाते हैं और घर परिवार की सारी जिम्मेदारी महिलाएं उठाती हैं।
ङ) काठमांडू की यात्रा
गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक काठमांडू की यात्रा इसलिए है क्योंकि लेखक ने पूरे पाठ में काठमांडू का ही जिक्र किया है।
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.