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निर्देशानुसार उत्तर दीजिए-

क) कुछ भी सीखना हो तो स्कूल जाना जरूरी नहीं।


(वाक्य का भेद बताइए)


ख) इस नहर को अनेक गुमनाम और अनपढ़ माने गए लोगों ने बनाया था।


(मिश्र वाकय में बदलिए)


ग) उन्हें लगता था कि नमक कर एक सामान्य सा मुद्दा है।


(सरल वाक्य में बदलिए)

उत्तर- क) दिया गया वाक्य मिश्र वाक्य है|


ऐसे वाक्य जिनमें सरल वाक्य के साथ-साथ कोई दूसरा उपवाक्य भी हो, वे वाक्य मिश्र वाक्य कहलाते हैं।


ख) यह वही नहर है जिसे अनेक गुमनाम औप अनपढ़ माने गए लोगों ने बनाया है।


ग) उन्हें लगता था कि नमक एक सामान्य सा मुद्दा है।


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निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही उत्तरवाले विकल्प चुनकर लिखिएः

एक बच्ची उधर


कत्थक में थिरक रही है, और


ढेर सारी बच्चियाँ


गोबर लीद ढुंढते रहने के बाद


अँधेरे में दुबक रही हैं


लड़कियाँ नदी तालाब कुआँ


घासलेट माचिस फंदा


ढूँढ रही है।


और इसी वक्त


एक लड़की चेहरे की कोमलता के बारे में


रेडियो से नुस्खा बता रही है


और असंख्य बच्चे अँधेरे की तरफ़


दौड़ते जा रहे हैं।


उनकी स्मृतियों में फिलवक्त च


चीख और रूदन


और गिड़गिड़ाहट


उनकी आंखों में


कल की छीना-झपटी और भागमभाग का


पैबंद इतिहास है


उनके भीतर शब्द रहित भय


और सिर्फ जख्मी आज है


वे पृथ्वी के बाशिंदे हैं करोड़ों


और उनके पास आव़ाजों का महासागर है


जो छोटे से गुब्बारे की तरह


फोड़ सकता है किसी भी वक्त़


अंधेरे के सबसे बड़े समूह को!


क) काव्यांश में उभरकर आया हैः


1. गाँव और शहर का अंतर


2. लड़के-लड़कियों में भेदभाव


3. गरीब और अमीर बच्चों का जीवन


4. अँधेरे और उजाले का प्रभाव


ख) 'असंख्य बच्चे अँधेरे की तरफ दौड़ते जा रहे हैं' - यहाँ अँधेरा से तात्पर्य है-


1. विषमता और भेदभाव


2. गरीबी और अज्ञान


3. चीख और रुदन


4. छीना-झपटी और भागमभाग


ग) आपके विचार से कविता में कौन-सी बच्ची देश का प्रतिनिधित्व कर रही है?


1. कत्थक पर थिरकती


2. अँधेरे में दुबकती


3. रेडियो से नुस्खा बताती


4. चेहरे की कोमलता सँभालती


घ) करोड़ों वंचित देशवासी नहीं जानते कि-


1. उनका इतिहास महान है


2. चीख और रुदन सदा नहीं रहेंगे


3. वे शोषण के गुब्बारे को फोड़ सकते हैं


4. वे व्यवस्था का विरोध कर सकते हैं


ङ) 'उनके भीतर शब्द-रहित भय और सिर्फ ज़ख्मी आज है' - का आशय हैः


1. वे अपने शोषण के बारे में बताते हुए डरते हैं


2. वे आज घायल हैं


3. वे ज़ख्मों से डर जाते हैं


4. चुपचाप भीतर बैठे रहना उन्हें डराता है

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निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर सही उत्तरवाले विकल्प चुनकर लिखिए-

क्या कुटिल व्यंग्य! दीनता वेदना से अधीर, आशा से जिनका नाम रात-दिन जपती है, दिल्ली के वे देवता रोज कहते जाते, ‘कुछ और धरो धीरज, किस्मत अब छपती है।


किस्मतें रोज छप रहीं, मगर जलधार कहाँ? प्यासी हरियाली सूख रही है खेतों में,


निर्धन का धन पी रहे लोभ के प्रति छिपे, पानी विलोम होता जाता है रेतों में।


हिल रहा देश कुत्सा के जिन आघातों से, वे नाद तुम्हें ही नहीं सुनाई पड़ते हैं?


निर्माणों के प्रहिरियों! तुम्हें ही चोरों के काले चेहरे क्या नहीं दिखाई पड़ते हैं?


तो होश करो, दिल्ली के देवो, होश करो, सब दिन तो यह मोहिनी ने चलनेवीली है,


होती जाती है गर्म दिशाओं की साँसें, मिट्टी फिर कोई आग उगलनेवाली है।


क) गरीबों के प्रति कुटिल व्यंग्य क्या है?


1. धीरज रखने का अनुरोध


2. भाग्य पलटने का आश्वासन


3. कुछ और काम करने का आग्रह


4. वेदना और अधीरता


ख) 'दिल्ली के वे देवता'- कौन हैं?


1. सरकारी कर्मचारी


2. शक्तिशाली शासक


3. बड़े व्यापारी


4. प्रभावशाली लोग


ग) कौन-सी पंक्ति परिवर्तन होने की चेतावनी दे रही है?


1. और धरी धीरज, किस्मत अब छपती है


2. पानी विलीन होता जाता है रेतों में


3. तो होश करो दिल्ली के देवो


4. मिट्टी फिर कोई आग उगलने वाली है


घ) 'पानीविलीन होता जाता है रेतों में' - कथन का आशय हैः


1. सिंचाई नहीं हो पाती


2. वर्षा पर्याप्त नहीं होती


3. गरीबों तक सुविधाएँ नहीं पहुँचती


4. रेत में खेती नहीं हो सकती


ङ) निर्माण के प्रहरी अनदेखी करते हैं-


1. वैभवशाली लोगों की


2. दिल्ली के देवों की


3. हरे-भरे खेतों की


4. चोरों और भ्रष्टाचारियों की

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निर्देशानुसार वाच्य परिवर्तित कीजिए-

क) दादा जी के द्वारा हम सबको पुस्तकें दी गई। (कर्मवाच्य में)


ख) उससे चला नहीं जाता।(कर्तवाच्य में)


ग) वह तो उठ भी नहीं सकती। (भाववाच्य में)


- उससे तो उठा भी नहीं जाता।


घ) उन्होंने उछलकर डोर पकड़ ली।(कर्मवाच्य में)

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रेखांकित पदों का पद परिचय दीजिए-

कब्रिस्तान की भूमि को लेकर छोटे-मोटे तनाव होते हैं । एक ऐसी ही अवसर पर मुझे पंचायत में शामिल होना पड़ा।