नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन की जाँच मशीन पर एक यात्री के भूलवश छूटे एक लाख बीस हजार रुपय को मेट्रो पुलिस ने उसे लौटा दिया। इस समाचार को पढ़कर जो विचार आपके मन में आते हैं, उन्हें किसी समाचार-पत्र के सम्पादक को पत्र के रूप में लिखिए।
अथवा
आपकी अपने प्रिय मित्र से किसी बात पर अनबन हो गई थी किंतु अब आपको अपनी गलती का एहसास हो गया है। अतः उसे मनाने के लिए पत्र लिखिए।
श्रीमान संपादक महोदय,
आमने-सामने न्यूज, दिल्ली
विषय: मेट्रो स्टेशन पर एक यात्री का पैसों भरा बैग वापस लौटाने की खबर के बारे में।
महोदय,
मैंने आपके लोकप्रिय समाचार पत्र में आपके द्वारा लिखी एक खबर पढ़ी जो मेट्रो स्टेशन पर एक यात्री का पैसों भरा बैग वापस लौटाने की खबर के बारे में थी। पढ़कर बहुत अच्छा लगा कि आज के समय में भी लोगों के मन में ईमानदारी बाकी है। मेट्रो पुलिस के इस नेक काम के बारे में आपने अपने समाचार पत्र में छापकर बहुत ही अच्छा काम किया है। इससे बाकी पुलिस वालों को भी ऐसे नेक काम करने का बढ़ावा मिलेगा। इतना ही नहीं आम जनता जो आज के समय में
पुलिस के पास जाने से कतराती है और सभी पुलिस वालों को भ्रष्ट मानती है, उनका भई पुलिस वालों पर विश्वास बढ़ेगा।
आज के समय में अखबारों में भी ज्यादातर नकारात्क खबरें पढ़ने को मिलती हैं। ऐसे में ये खबर पुलिस वालों के प्रति लोगों के नजरिए को बदलने में मददगार साबित हेगी।
अत: आपसे निवेदन है कि आगे भी अपने अखबार में ऐसी खबरें छापें जो पाठकोंपर सकारत्मक प्रभाव छोड़ें।
धन्यवाद
भवदीय
क, ख
सेक्टर-44, नॉएडा(उ.प्र.)
अथवा
गली नंबर 6, सेक्टर 44,
नॉएडा, उत्तर प्रदेश
विषय- मित्र को मनाने के लिए पत्र
प्रिय मित्र दीपक,
मुझे मालूम है कि उस दिन हुई अनबन की वजह से आज भी तुम मुझसे गुस्सा हो। लेकिन अब मुझे मेरी गलती का एहसास हो गया है। इसलिए मैं तुझसे माफी मांगना चाहता हूं।
मुझे अपनी गलती का अहसास हो गया और गलती का अहसास होने पर अपने मित्र को माफ़ कर देना चाहिए| भविष्य में मैं ऐसी कोई गलती नहीं करूँगा|
कल मेरा जन्मदिन है और चाहता हूं कि तुम वो सब भूलकर मुझे माफ कर दो। तुम्हारी तरफ से इसी को मैं अपने जन्मदिन का तोहफा समझ लूंगा।
तुम्हारा मित्र
आयुष्मान
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