निम्नलिखित गद्यांश का शीर्षक लिखकर एक तिहाई शब्दों में सार लिखिए-
प्रत्येक देश में नागरिकों की सुऱक्षा तथा कानून का पालन करवाने कके लिए पुलिस का गठन किया जाता है। ये निर्धारित नियमों के अनुसार सरकारी संस्था द्वारा होता है। चुने हुए व्यक्तियों को कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण के समय इन्हें शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए व्यायाम व पी.टी, करवाई जाती है तथा इन्हें इनके कर्तव्यों का बोध कराया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन्हें पुलिस सेवा में नियुक्त किया जाता है। इनको समाज और जनता से जुड़े सभी काम करने होते हैं। इनका मुख्य कार्य होता है- ईमानदारी से नागरिकों के जान-माल तथा नगर की सुरक्षा करना तथा सर्वत्र शांति बनाए रखना। नगर में होने वाले उत्सवों, मेलों, सभाओं दि के समय इनकी जिम्मेदारियाँ बढ़ जाती है। सांप्रदायिक दंगों के समय तो पुलिस को कई दिनों तक लगातार ड्यूटी देनी पड़ती है। कर्फ्यू के समय आवश्यक वस्तुओं को य़थास्थान पहुँचाना भी इन्हीं की देख-रेख में होता है। इसके अतिरिक्त पुलिस के और भी कर्तव्य होते हैं; जैसे- बाढ़ के समय
तथा कहीं अग्निकांड हो जाने पर बचाव कार्य करना। इससे इनके साहस, बहादुरी और ईमानदारी की परीक्षा होत है। बहादुरी का कार्य करने वाले पुलिस कर्मचारियों को पुरस्कृत भी किया जाता है।
सार- देश के नागरिकों की सुरक्षा तथा कानून को सही ढंग से चलाने के लिए पुलिस का 'गठन' किया जाता है। पुलिस में भर्ती करने से पहले उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसमें कर्तव्यों के बारे में समझाया जाता है। जैसे नागरिकों की रक्षा व कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी सार्वजनिक स्थानों तथा बाढ़ या अग्निकांड, जान- 'माल, व नगर की सुरक्षा करना आदि। इस कार्य को जो बहादुरी व ईमानदारी से करते हैं, उन्हें पुरस्कृत किया जाता है।
शीर्षक-पुलिस के कर्तव्य
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