(क) काव्यांश में निहित रस पहचानकर लिखिए-
श्रीकृष्ण के सुन वचन अर्जुन क्रोध से जलने लगे।
सब शोक अपना भूलकर करतल युगल मलने लगे।
ख) हास्य रस का एक उदाहरण लिखिए।
ग) श्रृंगार रस क स्थानीयभाव का नाम लिखिए।
घ) 'उत्साह' किस रस का स्थायीभाव है?
(क) रौद्र रस
ख) हाथी जैसी देह है, गैंडे जैसी खाल।
तरबूजे सी खोपड़ी, खरबूजे स गाल।।
ग) श्रृंगार रस का स्थायी भाव रति (प्यार) है।
घ) 'उत्साह' वीर रस का स्थायी भाव है।
जब किसी रचना या वाक्य आदि से वीरता जैसे स्थायी भाव की उत्पत्ति होती है, तो उसे वीर रस कहा जाता है।
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