निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही उत्तरवाले विकल्प चुनकर लिखिएः
एक बच्ची उधर
कत्थक में थिरक रही है, और
ढेर सारी बच्चियाँ
गोबर लीद ढुंढते रहने के बाद
अँधेरे में दुबक रही हैं
लड़कियाँ नदी तालाब कुआँ
घासलेट माचिस फंदा
ढूँढ रही है।
और इसी वक्त
एक लड़की चेहरे की कोमलता के बारे में
रेडियो से नुस्खा बता रही है
और असंख्य बच्चे अँधेरे की तरफ़
दौड़ते जा रहे हैं।
उनकी स्मृतियों में फिलवक्त च
चीख और रूदन
और गिड़गिड़ाहट
उनकी आंखों में
कल की छीना-झपटी और भागमभाग का
पैबंद इतिहास है
उनके भीतर शब्द रहित भय
और सिर्फ जख्मी आज है
वे पृथ्वी के बाशिंदे हैं करोड़ों
और उनके पास आव़ाजों का महासागर है
जो छोटे से गुब्बारे की तरह
फोड़ सकता है किसी भी वक्त़
अंधेरे के सबसे बड़े समूह को!
क) काव्यांश में उभरकर आया हैः
1. गाँव और शहर का अंतर
2. लड़के-लड़कियों में भेदभाव
3. गरीब और अमीर बच्चों का जीवन
4. अँधेरे और उजाले का प्रभाव
ख) 'असंख्य बच्चे अँधेरे की तरफ दौड़ते जा रहे हैं' - यहाँ अँधेरा से तात्पर्य है-
1. विषमता और भेदभाव
2. गरीबी और अज्ञान
3. चीख और रुदन
4. छीना-झपटी और भागमभाग
ग) आपके विचार से कविता में कौन-सी बच्ची देश का प्रतिनिधित्व कर रही है?
1. कत्थक पर थिरकती
2. अँधेरे में दुबकती
3. रेडियो से नुस्खा बताती
4. चेहरे की कोमलता सँभालती
घ) करोड़ों वंचित देशवासी नहीं जानते कि-
1. उनका इतिहास महान है
2. चीख और रुदन सदा नहीं रहेंगे
3. वे शोषण के गुब्बारे को फोड़ सकते हैं
4. वे व्यवस्था का विरोध कर सकते हैं
ङ) 'उनके भीतर शब्द-रहित भय और सिर्फ ज़ख्मी आज है' - का आशय हैः
1. वे अपने शोषण के बारे में बताते हुए डरते हैं
2. वे आज घायल हैं
3. वे ज़ख्मों से डर जाते हैं
4. चुपचाप भीतर बैठे रहना उन्हें डराता है
क) इस काव्यांश में हमें गरीब और अमीर बच्चों के जीवन के बारे में जानकारी मिलती है और उनके जीवन के महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में भी पता चलता है|
ख) विषमता और भेदभाव
असंख्य बच्चे अँधेरे की तरफ दौड़ते जा रहे हैं यहाँ अँधेरे से तात्पर्य समाज में उत्पन्न विषमता और भेदभाव से है|
ग) अँधेरे में दुबकती
इस कविता में अँधेरे में दुबकती लडकी देश का प्रतिनिधित्व कर रही है| इस कविता में समाज में उत्पन्न विषमता और भेदभाव की बात की गयी है और समाज का एक बहुत बड़ा हिस्सा इन्हीं अभावों में अपना जीवन व्यतीत कर रहा है और बहुसंख्यक अवादी संसाधनों से वंचित है|
घ) वे शोषण के गुब्बारे को फोड़ सकते हैं
करोड़ों देश वासी नहीं जानते कि उनके पास आवाजों का महासागर है जो शोषण के गुब्बारे को किसी भी समय फोड़ सकता है।
ङ) वे अपने शोषण के बारे में बताते हुए डरते हैं
'उनके भीतर शब्द-रहित भय और सिर्फ ज़ख्मी आज है' का आशय है कि वे अपने शोषण के बारे में बताते हुए डरते हैं और अपने शोषण के खिलाफ आवाज नहीं उठाते बल्कि इसे सहते जा रहे हैं|
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