कैप्टन फेरी लगाता था।
फेरीवाले हमारे दिन-प्रतिदिन की बहुत-सी जरूरतों को आसान बना देते हैं। फेरीवालों के योगदान व समस्याओं पर एक संपादकीय लेख तैयार कीजिए।
फेरीवाले कई प्रकार के सामान को अपनी छोटी सी गाड़ी में लादकर एक स्थान से दूसरे स्थान उन सामानों को बेचने के उद्देश्य से घूमते रहते हैं। ये अपने गले से सुरीली आवाज निकालकर संभावित ग्राहक का ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास करते हैं। इनकी बोली-चाली और व्यवहार से लगता नहीं है कि ये अन्दर से कितने दुखी हैं। सर्वप्रथम तो हम जानें कि ये फेरीवाले सामान बेचने की जुगत में अपने घरों से दूर निकल जाते हैं। इनका कोई स्थाई ठिकाना नहीं होता है और इनमें से अधिकांश को सर्दी, गर्मी और बरसात के मौसम का सामना अपने सामान को बेचने के क्रम में करना पङता है। इनकी आमदनी अधिक नहीं होती है फिर भी इन्हें अपने ग्राहकों की फरमाइश उनके द्वार पर जाकर पूरी करनी पङती है और ऐसा करते समय वे ग्राहकों को नाराज करने का जोखिम नहीं मोल ले सकते हैं। इस प्रकार हमारे जीवन को सरल बनाने में फेरी वाले का बहुत योगदान है। और उनकी अपनी समस्याएं भी इस प्रकार काफी हैं।
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