निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर के सही विकल्प छांटकर लिखिए-
एक दिन आकाशवाणी में एक परिचर्चा हो रही थी कि क्या इंटरनेट और शी तरह की अन्य तकनीकें पुस्तकालय को पूरी तरह खत्म कर देंगी? भारत में पुस्तकालयों की दशा वैसे भी ज्यादा अच्छी नहीं है। दशा तो पुस्तकों की भी कहां अच्छी है, छोटे शहरों को तो छोडिए, बड़े शहरों में भी आपको ऐसी दुकान नहीं मिलेगी जहां आप मनपसंद किताब ढूंढ सकें। दरअसल किताब की या किसी अन्य वस्तु की दुकान आपको खरीदने का ही नहीं, देखने का भी सुख देती है। आप सब्जी बाजार जाए और खरीदें भले ही ज्यादा न, पर हरी भरी ताजी, रंग-बिरंगी सब्जियों के रंग-रुप गंघ का साहचर्य आपको एक खास तरह का सुख प्रदान करता है। किताब की दुकान में भी ऐसा ही होता है। खरीदें आप भले एक ही किताब (या एक भी नही) पर सैंकड़ों हजारों किताबों के बीच होने का उन्हे देखने – छूने का सुख अवर्णनीय होता है। बशर्तें ऐसी दुकान हो। दुकान न सही, पुस्तकाल ही सही। बल्कि वहां तो यह अपराध बोध भी नहीं होता कि इतनी देर में कुछ भी नहीं खरीदा। भारत में आर्थिक कटौती की गाज सबसे पहले पुस्तकालय पर ही गिरा करती है। बार –बार पुस्कालयों के बजट में कटौती कर हमने उन्हें लगभग निष्प्राण ही बना डाला है। जन चेतना के अभाव की वजह से इसका कोई प्रतिरोध भी नही होता। सार्वजनिक पुस्तकालय ही नही, शिक्षण संस्थाओं के पुस्तकालय भी इस नासमझी भरी कटौती के शिकार हुए हैं।
1. आकाशवाणी पर परिचर्चा का विषय क्या था ?
क) पुस्तकालयों की दशा अच्छी नहीं है।
ख) पुस्तकों की दशा ज्यादाअ अच्छी नहीं है।
ग) इंटरनेट जैसी अन्य तकनीक पुस्तकालयों को खत्म कर देगी।
घ) पुस्तकालयों को इन्टरनेट से लाभ होगा।
2. किताबों की दुकान के लिए लेखक ने उदाहरण दिया है।
क) मिठाई की दुकान का।
ख) फलों की दुकान का।
ग) सब्जियों की दुकान का।
घ) सब्जी बाजार का।
3. “रंग रूप गंध का सहचर्य” यहाँ सहचर्य शब्द का अर्थ है।
क) सहयोग करना ।
ख) साथ रहना ।
ग) मदद करना ।
घ) सहायता करना ।
4. पुस्तकालय में लेखक को कौन सा सुख अवर्णनीय है ?
क) रंग रूप गंध के सहचर्य का सुख ।
ख) सैंकड़ों हजारों किताबों को देखने का सुख ।
ग) सैंकड़ों हजारों किताबों को खरीदने का सुख ।
घ) सैंकड़ों हजारों किताबों के बीच होने का सुख ।
5. आर्थिक कटौती की गाज सबसे पहले किस प्रकार गिरी है ?
क) बाजार की वस्तुओं पर ।
ख) लेखक के विचारों पर ।
ग) भारत के पुस्तकालयों पर ।
घ) जनचेतना पर ।
1. (ग) इन्टरनेट जैसी तकनीक पुस्तकालयों को ख़त्म कर देगी|
आकाशवाणी पर परिचर्चा का विषय निम्नलिखित बातों से संबंधित था
(i) इंटरनेट जैसी अन्य तकनीकों का पुस्तकालय पर असर
(ii)पुस्तकालयों की बुरी दशा है
(iii) पुस्तकालयों को इन्टरनेट से लाभ
(iv)किताबों की अहमियत
2. (ग) सब्जियों की दुकान का
किताबों की दुकान के लिए लेखक ने फलों की दुकान का, सब्जियों की दुकान का उदाहरण दिया है जहां पर हरी भरी ताजी, रंग-बिरंगी सब्जियों के रंग-रुप गंघ का साहचर्य आपको एक खास तरह का सुख प्रदान करता है। किताब की दुकान में भी ऐसा ही होता है।
3. (ख) साथ रहना
यहाँ सहचर्य शब्द का अर्थ साथ रहने के भाव अर्थात सहचर होने की अवस्था या भाव से है।
4. (ख) सैकड़ों हजारों किताबों के बीच होने का सुख
पुस्तकालय में लेखक को किताबों के रंग रूप गंध के सहचर्य का सुख, सैंकड़ों हजारों किताबों को देखने का सुख उनके बीच रहने का सुख उन्हें छूने का सुख एवं सैंकड़ों हजारों किताबों को बिना खरीदे उनके साथ रहने का सुख अवर्णनीय है I
5. (ग) भारत के पुस्तकालयों पर
आर्थिक कटौती की गाज सबसे पहले बाजार की वस्तुओं पर, सार्वजनिक पुस्तकालय एवं शिक्षण संस्थाओं के पुस्तकालय पर गिरी है जिसने उन्हें लगभग निष्प्राण ही बना डाला है।
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