निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार लिखिए
क) ‘रसराज’ किसे कहा जाता है
ख) क्रोध, जुगुप्सा क्रमशः किन रसों के स्थायी भाव हैं।
ग) ‘वीर रस’ से संबंधित काव्य पंक्तियां लिखिए।
घ) रस के अंगो (अव्यय) के नाम लिखिए।
क) श्रृंगार रस को रसराज कहा जाता है|
नायक और नायिका के मन में संस्कार रूप में स्थित रति या प्रेम जब रस कि अवस्था में पहुँच जाता है तो वह श्रंगार रस कहलाता है इसके अंतर्गत सौन्दर्य, प्रकृति, सुन्दर वन, वसंत ऋतु, पक्षियों का चहचहाना आदि के बारे में वर्णन किया जाता है| इसका स्थाई भाव रति है|
ख) क्रोघ – रौद्र रस, जुगुप्सा– वीभत्स रस।
ग) बुंदेले हर बोलो के मुख हमने सुनी कहानी थी,खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी |
घ) स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव, संचारी भाव|
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.