Q5 of 18 Page 1

निर्देशानुसार उत्तर लिखिए-

क) जो व्यक्ति परिश्रमी होते हैं, उनके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। (सरल वाक्य में बदलिए)


ख) शिक्षक के कक्षा में आते ही छात्र चुप हो गए। (मिश्र वाक्य में बदलिए)


ग) बाग़ में मोहन, रवि को देखकर बहुत आश्चर्यचकित हुआ । (संयुक्त वाक्य में बदलिए)

क) परिश्रमी व्यक्ति के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।


ख) जब शिक्षक कक्षा में आए तो छात्र चुप हो गए।


ग) बाग़ में मोहन ने रवि को देखा और आश्चर्यचकित हो गया ।


More from this chapter

All 18 →
3

निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प छांटकर लिखिए-

धर्मराज, सन्यास योजना कायरता है मन की,


है सच्चा मनुजत्व ग्रंथियो सुलझाना जीवन की।


दुर्लभ नहीं मनुज के हित, निज व्यक्तिक सुख पाना,


किन्तु कठिन है कोटी कोटि मनुजों को सुखी बनाना।


आशा के प्रदीप को जलाए चलो धर्मराज,


एक दिन होगी मुक्त भूमि रण भीती से,


भावना मनुष्य की न राग में रहेगी लिप्त,


सेवित रहेगा नहीं जीवन अनीती से,


स्नेह बलिदान होंगे माप नरता के एक


धऱती मनुष्य की बनेगी स्वर्ग प्रीति से।


(1) कवि के ‘मन की कायरता’ किसे माना है?


क) अहिंसा ।


ख) सन्यास ।


ग) असत्य ।


घ) गरीबी ।


(2) काव्यांश में सर्वाधिक कठिन कार्य क्या बताया गया है ?


क) शासन चलाना ।


ख) युद्ध में विजय पाना ।


ग) मानव जाति को सुखी बनाना ।


घ) सन्यास लेना ।


(3) मानवता की माप किससे की जाएगी ?


क) स्नेह तथा बलिदान से ।


ख) सम्पनन्ता से ।


ग) शक्ति से ।


घ) आधुनिकता से ।


(4) किस बात के लिए कवि आशान्वित है ?


क) स्नेह बलिदान समाप्त होंगे ।


ख) धरती और स्वर्ग की दूरी मिट जाएगी ।


ग) व्यक्ति स्वयं का विकास करेगा ।


घ) धऱती युद्ध के भय से मुक्त होगी।


(5) वैयक्तिक शब्दों में कौन से प्रत्यय है ?


क) क ।


ख) तक ।


ग) इक ।


घ) इत ।

4

निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर के सही विकल्प छांटकर लिखिए-

जड़ दीप तो देकर हमें आलोक जलता आप है,


पर एक हममें दूसरे को दे रहा संताप है।


क्या हम जड़ों से भी जगत में है गए बीते नहीं ?


हे भाइयों ! इस भांति तो तुम थे कभी जीने नहीं।


हमको समय को देखकर ही नित्य चलना चाहिए,


बदले हवा जब जिस तरह हमको बदलना चाहिए।


विपरीत विश्व प्रवाह के निज नाव जा सकती नहीं,


अब पूर्व की बातें सभी प्रस्ताव पा सकती नहीं।


है बदलता रहता समय, सकी सभी बातें नई।


कल काम में आती नहीं हैं आज की बातें कई


है सिद्धि मूल यही कि जैसा प्रकृति का रंग हो।


तब ठीक वैसा ही हमारा कार्य कृति का ढंग हो


(1) दीपक की विशेषता है।


क) वह जड होता है।


ख) वह अपने आप ही जलता है।


ग) वह मिट्टी से बनता है।


घ) वह कष्ट सहकर दूसरों को प्रकाश देता है।


(2) कवि मनुष्य को बेजान पदार्थों से भी हीन क्यों बता रहा है?


क) मनुष्य स्वार्थी है ।


ख) दूसरों को दुख देता है।


ग) दूसरों को सुख देता है ।


घ) झगडालू है।


(3) कवि मनुष्य को समय के साथ चलने की प्रेरणा किस लिए दे रहा है ?


क) परम्परा के निर्वाह करने के लिए।


ख) प्रशंसा प्राप्त करने के लिए ।


ग) उन्नति के लिए।


घ) आधुनिकता के लिए।


(4) विश्व प्रवाह द्वारा कवि का संकेत किस ओर है ?


क) विश्व की प्रसिद्ध सभ्यताओं का लुप्त होना ।


ख) विश्व पर अमेरिका का प्रभाव ।


ग) विज्ञान के कारण होने वाले परिवर्तन ।


घ) प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव ।


(5) मनुष्य की कार्य-कृति का ढंग कैसा होना चाहिए ?


क) अपनी आवश्यकता के अनुसार ।


ख) अपने सामर्थ्य के अनुसार ।


ग) अपनी स्वार्थ सिद्धि के अनुसार ।


घ) समाज में हो रहे परिवर्तनो के अनुसार ।

6

निम्मलिखित वाक्यों में वाच्य परिवर्तन कीजिए

क) सरकार द्वारा लोक कलाकारों का सम्मान किया गया (कर्तृ वाच्य)


ख) प्रेरणा कभी चुप नहीं बैठती। (भाव वाच्य)


ग) मैने प्रेमचंद का उपन्यास गोदान पढा। (कर्म वाच्य)


घ) तुम पढ नहीं सकते। (भाव वाच्य)

7

रेखांकित पदों का पद परिचय लिखिए

क) कल हमने ताजमहल देखा।


ख) यह पुस्तक किसकी है।


ग) श्याम की अपेक्षा गौरव अधिक योग्य निकला।


घ) शाबाश ! तुमने बहुत अच्छा काम किया।