निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए
अजमेर से पहले पिताजी इंदौर में थे जहां उनकी बड़ी प्रतिष्ठा थी, सम्मान था, नाम था। कांग्रेस के साथ-साथ वे समाज सुधार के कामों से भी जुड़े हुए थे। शिक्षा के वे केवल उपदेश ही नही देते थे, बल्कि उन दिनो आठ-आठ, दस-दस विद्यार्थियों को अपने घर रखकर पढाया है जिनमें से कई तो बाद में ऊंचे ऊंचे ओहदो पर पहुंचे। ये उनकी खुशहाली के दिन थे और उन दिनों उनकी दरियादिली के चर्चे भी कम नही थे। एक ओर वे बेहद कोमल और संवेदनशील व्यक्ति थे तो दूसरी ओर बेहद क्रोधी और अहंवादी ।
क) अजमेर से पहले लेखिका के पिता कहां रहते थे? वहां उनकी समाज में क्या स्थिति थी?
ख) शिक्षा के क्षेत्र में लेखिका के पिताजी ने क्या काम किया?
ग) लेखिका के पिताजी के स्वभाव में क्या विरोघाभास था?
क) अजमेर से पहले लेखिका के पिताजी इंदौर में थे। वहां उनकी बड़ी प्रतिष्ठा थी, सम्मान और नाम था। राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ वे समाज सुधार के कामों से भी जुड़े हुए थे।
ख) वे शिक्षा के महत्त्व के बारे में अन्य लोगों को बताते थे लेकिन साथ में ए यह भी मानते थे कि शिक्षा मात्र उपदेश देने की बस्तु नहीं है| इसी कारण से वे आठ-आठ, दस-दस विद्यार्थियों को अपने घर रखकर पढ़ाते भी थे जिनमें से कई तो बाद में ऊंचे ऊंचे ओहदों पर पहुंचे।
ग) लेखिका के पिताजी के स्वभाव में यह विरोघाभास था कि एक ओर वे बेहद कोमल और संवेदनशील व्यक्ति थे तो दूसरी ओर बेहद क्रोधी और अहंवादी। सरल भाषा में कहें तो उनके चरित्र में जीवन के दोनों पक्षों का बेहतरीन संयोजन था|
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