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रेखांकित पदों का पद परिचय लिखिए

क) कल हमने ताजमहल देखा।


ख) यह पुस्तक किसकी है।


ग) श्याम की अपेक्षा गौरव अधिक योग्य निकला।


घ) शाबाश ! तुमने बहुत अच्छा काम किया।

क) ताजमहल- व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्म करक।


ख) यह- सार्वनामिक, विशेषण, पुस्तक विशेष्य, एकवचन, स्त्रीलिंग


ग) की अपेक्षा- संबंधबोधक अव्यय(तुलनात्मक)


घ) शाबाश – विस्मयबोधक अव्यय, हर्ष बोधक|


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निर्देशानुसार उत्तर लिखिए-

क) जो व्यक्ति परिश्रमी होते हैं, उनके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। (सरल वाक्य में बदलिए)


ख) शिक्षक के कक्षा में आते ही छात्र चुप हो गए। (मिश्र वाक्य में बदलिए)


ग) बाग़ में मोहन, रवि को देखकर बहुत आश्चर्यचकित हुआ । (संयुक्त वाक्य में बदलिए)

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निम्मलिखित वाक्यों में वाच्य परिवर्तन कीजिए

क) सरकार द्वारा लोक कलाकारों का सम्मान किया गया (कर्तृ वाच्य)


ख) प्रेरणा कभी चुप नहीं बैठती। (भाव वाच्य)


ग) मैने प्रेमचंद का उपन्यास गोदान पढा। (कर्म वाच्य)


घ) तुम पढ नहीं सकते। (भाव वाच्य)

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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार लिखिए

क) ‘रसराज’ किसे कहा जाता है


ख) क्रोध, जुगुप्सा क्रमशः किन रसों के स्थायी भाव हैं।


ग) ‘वीर रस’ से संबंधित काव्य पंक्तियां लिखिए।


घ) रस के अंगो (अव्यय) के नाम लिखिए।

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निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए

अजमेर से पहले पिताजी इंदौर में थे जहां उनकी बड़ी प्रतिष्ठा थी, सम्मान था, नाम था। कांग्रेस के साथ-साथ वे समाज सुधार के कामों से भी जुड़े हुए थे। शिक्षा के वे केवल उपदेश ही नही देते थे, बल्कि उन दिनो आठ-आठ, दस-दस विद्यार्थियों को अपने घर रखकर पढाया है जिनमें से कई तो बाद में ऊंचे ऊंचे ओहदो पर पहुंचे। ये उनकी खुशहाली के दिन थे और उन दिनों उनकी दरियादिली के चर्चे भी कम नही थे। एक ओर वे बेहद कोमल और संवेदनशील व्यक्ति थे तो दूसरी ओर बेहद क्रोधी और अहंवादी ।


क) अजमेर से पहले लेखिका के पिता कहां रहते थे? वहां उनकी समाज में क्या स्थिति थी?


ख) शिक्षा के क्षेत्र में लेखिका के पिताजी ने क्या काम किया?


ग) लेखिका के पिताजी के स्वभाव में क्या विरोघाभास था?