Q6 of 22 Page 1

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

क) ‘करुण रस’ का एक उदाहरण लिखिए।


ख) निम्नलिखित काव्य पंक्तियों में निहित रस पहचान कर लिखिए-


तंबूरा ले मंच पर बैठे प्रेमप्रताप,


साज मिले पंद्रह मिनट, घंटा भर आलाप।


घंटा भर आलाप, राग में मारा गोता,


धीरे-धीरे खिसक चुके थे सारे श्रोता।


ग) ‘उत्साह’ किस रस का स्थायी भाव है?


घ) वात्सल्य’ रस का स्थायी भाव क्या है?


ङ) श्रृंगार रस के कौन से दो भेद हैं?


(क) हाय राम कैसे झेलें हम अपनी लज्जा अपना शोक,

गया हमारे ही हाथों से अपना राष्ट्र पिता परलोक


(ख) इन पंक्तियों में हास्य रस है।


इसका स्थाई भाव हास होता है| इसके अंतर्गत वेशभूषा, वाणी आदि की विकृति को देखकर मन में जो विनोद का भाव उत्पन्न होता है और फिर उससे जो हास की उत्पत्ति होती है उसे ही हास्य रस कहते हैं|


(ग) ‘उत्साह’ वीर रस का स्थायी भाव है।


(घ) ‘वात्सल्य रस’ का स्थायी भाव वत्सलता तथा स्नेह होता है।


(ड.) श्रृंगार रस के दो भेद होते हैं- संयोग श्रृंगार और वियोग श्रृंगार है।


More from this chapter

All 22 →
4

निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं चार वाक्यों का निर्देशानुसार वाच्य परिवर्तन कीजिए-

क) बालगोबिन भगत प्रभातियाँ गाते थे। (कर्मवाच्य मे बदलिए)


ख) बीमारी के कारण वह यहाँ न आ सका। (भाववाच्य में बदलिए)


ग) माँ के द्वारा बचपन में ही घोषित कर दिया गया था। (कर्तृवाच्य में बदलिए)


घ) अवनि चाय बना रही है। (कर्मवाच्य में बदलिए)


ङ) घायल हंस उड न पाया। (भावाच्य में बदलिए)


5

निम्नलिखित वाक्यों में से ही किन्हीं चार रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए-

क) दादी जी प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ती हैं


ख) रोहन यहाँ नहीं आया था।


ग) वे मुंबई जा चुके हैं।


घ) परिश्रमी अंकिता अपना काम समय से पूरा कर लेती है।


ङ) रवि रोज सवेरे दौड़ता है।


7

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

किसी दिन एक शिष्या ने डरते-डरते खाँ साहब को टोका, ‘बाबा ! आप यह क्या करते हैं, इतनी प्रतिष्ठा है आपकी। अब तो आपको भारतरत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमद न पहना करें। अच्छा नहीं लगता, जब भी कोई आता है आप इसी फटी तहमद में सबसे मिलते हैं।’ खाँ साहब मुस्कराए। लाड़ से भरकर बोले, घत् ! पगली ई भारतरत्न हमको शहनईया में मिला है, लुंगिया ने नाहीं। तुम लोगों की तरह बनाव-सिंगार देखते रहते, तो उमर ही बीत जाती, हो चुकती शहनाई। तब क्या रियाज हो पाता?


क) एक दिन एक शिष्या ने खाँ साहब को क्या कहा? क्यों?


ख) खाँ साहब ने शिष्या को क्या समझाया?


ग) इससे खाँ साहब के स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है?


8

निम्मलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए-

क) लेखक ने फादर कामिल बुल्के की याद को ‘यज्ञ की पवित्र अग्नि’ क्यों कहा है?


ख) मन्नू भंडारी का अपने पिता से जो वैचारिक मतभेद था उसे अपने शब्दों में लिखिए।


ग) ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ में बच्चों द्वारा मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगाना क्या प्रदर्शित करता है?


घ) बालगोबिन भगत अपने सुस्त और बोदे से बेटे के साथ कैसा व्यवहार करते थे और क्यों?


ङ) ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक ने यात्रा करने के लिए सेकेंड क्लास का टिकट क्यों खरीदा?