निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए-
क) पाठ के आधार पर मन्नू भण्डारी की माँ के स्वभाव की विशेषताएँ लिखिए।
ख) ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ का संदेश क्या है? स्पष्ट कीजिए।
ग) ‘लखनवी अंदाज़’ के पात्र नवाब साहब के व्यवहार पर अपने विचार लिखिए।
घ) ‘फादर बुल्के को ‘करुणा की दिव्य चमक’ क्यों कहा गया है?’
ङ) लेखक ने बिस्मिल्ला खाँ को वास्तविक अर्थों में सच्चा इंसान क्यों माना है?
(क) मन्नू भंडारी की मां में धैर्य और सहनशीलत बहुत ज्यादा थी। मन्नू भंडारी की माँ मन्नू के पिताजी की हर ज्यादती को अपना भाग्य मानती थी| उनके लिए उनका खुद का कोई अस्तित्व नहीं था। मन्नू भंडारी की माँ में त्याग व सहिष्णुता का अथाह सागर था| उनके लिए उनका सबकुछ घर और परिवार ही था।
(ख) नेताजी का चश्मा पाठ में देशभक्ति और प्रेम का सन्देश दिया गया है| इस पाठ से हमें संदेश मिलता है कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर देश के विकास में योगदान दे रहा है। इस योगदान में बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी शामिल हैं।
(ग) ‘लखनवी अंदाज’ के पात्र नवाब साहब के जरिए लेखक ने दिखावा पंसद लोगों की जीवन शैली का वर्णन किया है। लेखक को रेल के डिब्बे में नवाब मिलता है। नवाब सलीके से खीरे को खाने की तैयारी करता है। नवाब को लेखक के सामने खीरे को खाने में संकोच होता है, लिहाजा वह खीरे को सूंघकर खिड़की के बाहर फेंक देता है। नवाब के इस स्वभाव से उनकी जीवन शैली की कृत्रिमता और दिखावे का अहसास होता है| नवाब साहब सामंती वर्ग के प्रतीक थे और वे वर्तमान में भी अपनी झूठी शान बनाए रखना चाहते थे|
(घ) फादर बुल्के मानवीय गुणों से युक्त थे| उनके मन में अपने प्रियजनों के लिए असीम ममता, करुणा की भावना, अपनत्व, प्रेम और वात्सल्य था। इन्हीं सब कारणों के कारण लेखक ने फादर बुल्के को ‘करुणा की दिव्य चमक’ कहा।
(ड.) बिस्मिल्ला खां एक सच्चे इंसान थे। वह धर्म से अधिक मानवता को महत्व देते थे। बिस्मिल्ला खां को भारतरत्न मिला था लेकिन उनमें जरा भी घमंड नहीं था। उनके लिए उनका संगीत ही सबकुछ था। इसलिए लेखक ने बिस्मिल्ला खां को वास्तविक अर्थों में सच्चा इंसान कहा है।
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