‘साना-साना हाथ जोड़ि’ के आधार पर लिखिए कि देश की सीमा पर सैनिक किस प्रकार की कठिनाइयों से जूझते हैं? उनके प्रति भारतीय युवकों का क्या उत्तरादायित्व होना चाहिए?
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‘जार्ज पंचम की नाक’ को लेकर शासन में खलबली क्यों थी? इसमें निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए।
देश की सलामती के लिए सैनिक दिन-रात सीमा पर तैनात रहते हैं। ताममान चाहे कितना भी कम क्यों ना हो वह सीमा पर तैनात रहकर देश की रक्षा करते हैं। वह ऐसा करते हैं तभी हम लोग घर में चैन की नींद सो पाते हैं। यह जवान ना जाने कितनी कठिनाइयों का सामना करते होंगे। ऐसे में लोगों को हमेशा इनकी सलामती की दुआ करनी चाहिए। इसके साथ ही इनके घर वालों के प्रति सम्मान और सहानुभूति भी रखनी चाहए|
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जार्ज पंचम की मूर्ति से अचानक नाक गायब होने से सरकारी महकमों में खलबली मच गयी थी| रानी एलिजाबेथ भारत आने वाली थी और सरकारी महकमा रानी के आगमन से पूर्व जार्ज पंचम की मूर्ति पर नाक लगा देना चाहता था| जार्ज पंचम की मूर्ति पर नाक लगाने के लिए सरकारी महकमे ने अनेक देशभक्तों की मूर्तियों से नाक उतार लेने का आदेश दिया लेकिन किसी की भी नाक मूर्ति पर फिट नहीं बैठी| उस दौर के सरकारी तंत्र में नाक लगाने को लेकर जो बैचेनी और बदहवासी दिखाई देती है वह उनकी गुलाम और चाटुकारिता पूर्ण मानसिकता को दर्शाती है| सरकारी तंत्र को यह डर था कि रानी के दौरे के दौरान अगर जार्ज पंचम की मूर्ति पर नाक नहीं लगी होगी तो यह उन सब के लिए परेशानी का कारण बन सकता है| सम्पूर्ण सरकारी तंत्र उस व्यक्ति की मूर्ति पर किसी भी स्थिति में नाक लगाने के लिए चिंतित था जिन्होंने वर्षों तक हम भारतीयों पर विभिन्न तरह के अत्याचार किये थे|
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