निम्निलिखित काव्यांश के आधार पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए
तार सप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला
प्रेऱणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ
आवाज से राख जैसा कुछ गिरता हुआ
तभी मुख्य गायक को ढाढ़स बाँधता
कहीं से चला आता है संगतकार का स्वर
कभी-कभी वह यों ही दे देता है उसका साथ
क) ‘बैठने लगता है उसका गला’ का क्या आशय है?
ख) मुख्य गायक को ढाढ़स कौन बँधाता है और क्यों ?
ग) तार सप्तक क्या है?
क)- कभी कभी जब मुख्य गायक बहुत ऊँचे स्वर में गा रहा होता है तब ज्यादा ऊँचे स्वर में गाने के कारण मुख्य गायक का गला बैठ जाता है एवं सुर टूटने लगते हैI
ख)- ऊँचे स्वर में गाने से मुख्य गायक का गला बैठ जाता है एवं सुर टूटने लगते है जिससे स्वर बिखर जाता है इस बिखराव को सँभालने के लिए संगतकार स्वर को दोहराता है और मुख्य गायक को ढाढस बंधता है।
ग)- सप्तक सात स्वरों का समूह है जिसमें सा रे ग म प ध नि सा यानि षड्ज, ऋषभ, गंधार, मध्यम, धैवत और निषाद नामक सात शुद्ध स्वरों का समूह सन्निहित है। प्रत्येक सप्तक में उपरोक्त सात शुद्ध और पाँच विकृत स्वर होते हैं, इस प्रकार एक सप्तक में कुल स्वरों की संख्या बारह हो जाती है। पाँच विकृत स्वरों में ऋषभ, गंधार, धैवत, और निषाद के कोमल रूप और मध्यम का तीव्र रूप सम्मिलित होता है।
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