निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिन्दुओं पर लगभग 250 शब्दों में निबन्ध लिखिए-
क) अनुशासित दिनचर्या
• जीवन में अनुशासन की अपेक्षा
• अनुशासित क्रियाकलाप का लाभ
• काम करें
ख) प्राकृतिक आपदा- भूकंप
• प्राकृतिक आपदाएँ
• भूकंप से नुकसान
• बचाव के उपाय
ग) ओलंपिक और भारत
• ओलंपकि खेल
• भारतयी खिलाड़ियों का प्रदर्शन
• सुधार के कद़म
दिनचर्या अर्थात रोजमर्रा में किए जाने वाले कार्य। हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जो कार्य करते हैं उसे दिनचर्या कहते हैं। संयमित, संतुलित एवं अनुशासित दिनचर्या जीवन को दृढ़ता प्रदान करती है। जिस तरह सोने अथवा स्वर्ण की चमक उसको तपाने पर ही निखरती है उसी तरह बालक का अनुशासित व संयमित जीवन उसको भविष्य के लिए मजबूती प्रदान करता है। अनुशासित दिनचर्या हमारी शारीरिक व्यवस्था को मजबूत बनाती है| काम करने की क्षमता को दोगुना कर देता है। प्राचीनकाल में गुरुकुल शिक्षा प्रणाली बालक-बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक विकास की महत्वपूर्ण कड़ी थे। वहां उन्हें शिक्षा के साथ-साथ संस्कारित भी किया जाता था। आप स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की कामना तब ही कर सकते हैं जब आप एक व्यस्थित दिनचर्या का पालन करेंगे । दिनचर्या की उपयोगिता केवल स्वास्थ्य के लिए अपितु शिक्षा , व्यापार , रोजगार सभी के लिए उपयोगी है । स्वस्थ जीवन के लिए यह जरुरी है कि हम प्रात: सूर्योदय से पूर्व उठे , शौच-नित्यक्रम आदि के बाद व्यायाम करें , सुबह की ताजी हवा हमारे जीवन में ताजगी एवं स्फूर्ति प्रदान करती है ।
भोजन का सेवन हमेशा समय पर करना चाहिए। मैने एक कहावत बचपन में दादा से सुना करता था " रहो सादा , निभवो बाप- दादा " कहने का अर्थ भोजन जितना साधारण सेवन करेंगे आपकी आयु उतनी लम्बी होगी ।स्वास्थ्य के लिए आराम भी बहूत मायने रखता है । इसिलिए न्यूनतम ७ घंटे नित्य सोना एवं समय पर सोना स्वास्थ्य की कुंजी है । दिनचर्या एक ऐसी तकनीक है , जिसके माध्यम से असंभव कार्य भी संभव हो सकते हैं ।
ख) भूकंप का अर्थ पृथ्वी का हिलना डुलना , भूमि में दरारें आना मुख्य हैं भूकंप यानि के भूचाल के हल्के झटकों से तो किसी प्रकार की कोई ख़ास हानि नहीं होती किन्तु जब बड़ी तीव्रता के भूचाल आते हैं वह बड़ी मात्रा में हानि पहुंचाते हैं। भूकंप एक ऐसी कुदरती आपदा है जिस पे किसी का ज़ोर नहीं चलता यह आपदा बिना बताए कोई हलचल किये बिना ही आ जाती है। भूकंप आने से इमारतें गिर जाती हैं , जलशयों में उफ़ान आ जाता है , भूस्खलन और सुनामी ख़तरा पैदा हो जाता है।
जापान को भूकंप का देश कहा जाता है । वहाँ आए दिन धरती डोलती रहती है । ये भूकप ज्वालामुखी के फटने के कारण होते हैं । जापान में ज्वालामुखी पहाड़ अधिक संख्या में है जो धरती के अन्दर गर्मी बढ़ जाने के कारण ज्वालामुखी अचानक फट पड़ता और धरती डोलने लगती है । भिन्न महाद्वीपों और महासागरों , पर्वतों तथा मरुभूमियों की अलग-अलग प्लेटें होती हैं, जो निरंतर खिसकती रहती हैं । उन्हीं प्लेटों के टकराने या अलग होने पर भूकंप आता है । तीव्रता को मापने के लिए रिक्टर स्केल का पैमाना प्रयोग किया जाता है जिसे मेगनीटीयूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। यदि भूचाल की गहराई उथली हो इससे बाहर निकलने वाली उर्जा सतह के काफ़ी नजदीक होती है जिससे तबाही ज्यादा होती है किन्तु जो भूकंप पृथ्वी में ज्यादा गहराई में आते हैं उससे ज्यादा तबाही नहीं होती। यदि भूचाल समुन्द्र की गहराई में आता है तो सुनामी उठती है। इस सुनामी ने भारत , श्रीलंका और अफ़्रीका जैसे देशों में तबाही मचाई है।
भूकंप से हानियां-
• इससे जान और माल की भारी मात्रा में हानि होती है नगर जा घनी आबादी वाले स्थानों पर यह बहुत नुकसान पहुंचता हैं।
• भूकंप की वक्य से नदियों के रास्तों पर रूकावट आ जाती है और उनका प्रवाह रुक जाता है जिस कारण नदी का जल आस पास के क्षेत्रों में फैलने लगता है और बाढ़ आ जाती है।
• जब समुन्द्र में भूकंप आता है इससे बड़ी बड़ी लहरें उठने लगती हैं जिससे समुन्द्र के आस पास के क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाता है।
• भूचाल के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन बहुत होते हैं जिससे भारी क्षति पहुँचती है।
बचने के उपाय
• बचना मानव के वश की बात नहीं है भूचाल के मापने के यंत्र को भूकंपमापी कहा जाता है ज्यादा संख्या में ये यंत्र स्थापित किये जाने चाहिए ता भूचाल के आने की जानकारी पहले से मिल सके।
• भूचाल वाले क्षेत्रों में तरंगरोधी इमारतें बनानी चाहिए।
भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है जिसे रोकना यदि मनुष्य के लिए संभव नहीं है, तो कम-से-कम उससे बचने के लिए आधुनिक विज्ञान की पूरी मदद तो अवश्य ले सकता है ।
ग) ओलम्पिक विश्व का सबसे बड़ा अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धा आयोजन है | इसका आयोजन प्रत्येक 4 वर्ष के पश्चात ओलम्पिक आयोजन समिति द्वारा निर्धारित प्रक्रिया से चयनित विश्व के किस देश में किया जाता है |
प्रथम (प्राचीन) ओलम्पिक खेल का आयोजन 776 ई. पूर्व में यूनान (ग्रीक) के ओलम्पिया नामक नगर में हुआ था | इसी स्थान के नाम पर इस खेल आयोजन को ओलम्पिक नाम दिया गया है | 776 ई.पू. में प्रथम ओलम्पिक के आयोजन के बाद 4 वर्ष की अवधि पर ओलम्पिक खेलों का आयोजन होता था, जिसमें हजारों की संख्या में लोग एकत्र होकर खेलों का आनंद लेते थे | उस समय इन आयोजनों में खेलों के अतिरिक्त साहित्य, कला, नाटक, संगीत एंव जिमनास्टिक आदि की स्पर्द्धाएं भी होती थीं | 394 ई.पू. में रोम के तत्कालीन सम्राट थियोडोसिस ने एक राज्यादेश द्वारा इन खेलों के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया | आयोजन पर प्रतिबंध लगने के कुछ समय बाद एक विनाशकारी भूकंप के कारण ओलम्पिया शहर का अस्तित्व लगभग समाप्त हो गया | और, इसी के साथ ही ओलम्पिक खेलों का आयोजन भी बंद हो गया | 19वीं शताब्दी में ओलम्पिया शहर की खुदाई के बाद ओलम्पिक खेलों के बारे में दुनिया को पता चला एंव इसको पुनः प्रारंभ करने के प्रयास अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुए |
भारत ने अधिकारिक रूप से 1920 के अलोंपिक खेलों में पहली बार भाग लिया था | 1928 के अलोंपिक में हमने हॉकी में स्वर्ण पदक प्राप्त किया | उसके बाद 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964 और 1980 के अलोंपिक में हॉकी में वह दबदबा कायम रहा | एक ही खेल में आठ स्वर्णपदक पाकर एक प्रकार से हॉकी का नाम भारत के साथ जुड़ गया | भारत के कप्तान ध्यान चाँद को हॉकी का जादूगर कहा गया | 1980 के बाद एस खेल पर काले बदल छाने लगे | 2008 के चीन अलोंपिक में तो भारतीय हॉकी टीम क्वालीफाई ही नहीं कर पाई | हॉकी के नाम पर कहने को यह गौरव हमारे पास रहा कि भारतीय अंपायर सतेन्द्र सिंह को लगतार दूसरी बार अलोंपिक खेलों में अंपायर होने का अवसर मिला|
यह सच है कि भारत जैसे निशल देश के लिए दो-तीन पदक ऊँट के मुँह में जीरा भी नहीं है | इस बार 12 खेलों के लिए 56 खिलाड़ियों का एक दल बीजिंग अलोंपिक में गया था | उसमें से एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक हुआ है | यस परिणाम बहुत आशाजनक न होते हुए भी पिछले सालों की तुलना में प्रेरणादायी है |
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