हाल में देखते हुए नाटक की समीक्षा करते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए-
अथवा
विद्यालय में एक संगीत-सम्मेलन करने की अनुमति देने हेतु अपने प्रधानाचार्य से अनुरोध कीजिए।
प्रतापनगर,
जयपुर(उत्तर प्रदेश)|
दिनांक : 10 मई 2019
प्रिय राम ,
आशा है तुम सकुशल एवं आनंद से होगे । मैं भी यहाँ अपने परिवारजनों सहित कुशलपूर्वक हूँ और अपनी पढ़ाई में व्यस्त हूँ|
आज मैंने तुम्हें खास ये पत्र हाल में मेरे द्वारा देखे हुए नाटक के बारे में बताने के लिए लिखा है| कुछ दिन पहले मै एक नाटक देखने गया था| हमारे स्कूल के एक शिक्षक हम सभी विद्यार्थियों को इस नाटक को दिखाने के लिए ले साथ लेकर गए थे| उनका कहना था कि हमें पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भाग लेना चाहिए|
इससे पहले मैंने कभी नाटक नहीं देखा था और कोई ख़ास दिलचस्पी भी नहीं थी|मुझे नाटक देखकर उस नाटक की बहुत सारी बातों ने प्रभावित किया जो मैं तुम्हारे साथ साझा करना चाहता हूँ| मैंने वहाँ अंधेर नगरी नाटक देखा| यह एक बेहतरीन नाटक है| तुम्हें भी इस नाटक को देखना चाहिए| इस नाटक से समाज एवं नागरिकों कि सोच एवं व्यवहार के बारे में पता चलता और तर्क करने की महत्ता के बारे में इससे पता चलता है|
इस नाटक के सभी पात्र बिलकुल ही अलग थे और उन्होंने मेरे मनो-मस्तिष्क पर बहुत प्रभाव डाला है| तुम्हें भी इस नाटक को देखना चाहिए|
अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना और छोटी बहन को प्यार|
सप्रेम,
तुम्हारा मित्र
विनय
अथवा
सेवा में,
प्रधानाचार्य,
केंद्रीय विद्यालय,
जयपुर(राजस्थान)
दिनांक-5 फरवरी 2019
महोदय,
सविनय निवेदन है कि आगामी रविवार दिनांक 27 सितंबर, 2019 को विद्यालय में एक संगीत-सम्मेलन होने जा रहा है| यह संगीत सम्मलेन खेल प्रांगण में प्रात: 8.00 बजे से प्रारंभ होगा।
इस संगीत सम्मलेन में देश-विदेश के कुछ प्रसिद्द एवं संगीत कला में अनुभवी संगीतकार अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले हैं| यह कार्यक्रम बहुत ही भव्य होने वाला है|
आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त संगीत-सम्मेलन के लिए हमें अनुमति प्रदान करें। संबंधित कर्मचारियों को भी प्रांगण की सफाई व संबंधित उपकरण समय पर उपलब्ध कराने हेतु निर्देश जारी कर दें|
हम सभी आपके सदैव आभारी रहेंगे धन्यवाद सहित|
आपका आज्ञाकारी शिष्य
रवि
कक्षा-11
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