हरिहर काका के साथ उनके भाइयों तथा ठाकुरबाड़ी के महंत ने कैसा व्यवहार किया? क्या आप उसे उचित मानते हैं? कारण सहित स्पष्ट कीजिए। 5
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‘सपनों के से दिन’ कहानी के आधार पर पी.टी. साहब के व्यक्तित्व की दो विशेषताएँ बताते हुए लिखिए कि स्काउट परेड करते समय लेखक स्वयं को महत्वपूर्ण आदमी, एक फौजी जवान क्यों समझता था?
हरिहर काका के साथ उनके भाइयों और ठाकुरबड़ी के महंत ने बहुत बुरा बर्ताव किया। दोनों ने उनके साथ ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह अपनी जमीन उन दोनों में से किसी के नाम नहीं कर रहे थे। महंत चाहता था कि हरिहर अपनी जमीन को ठाकुर जी के नाम कर दे। अगर वह ऐसा नहीं करेगा तो उसकी जमीन उसके भाई हथिया लेंगे। वहीं भाई चाहते थे कि हरिहर जीते जी अपनी जमीन अपने भतीजों के नाम कर दे। हरिहर काका दोनों ही बात मानने को तैयार नहीं थे। हरिहर काका ने जमीन जायदाद हाथ से चली जाने के बाद क्या होता है वह स्थिति बहुत करीब से देखी थी| इस वजह से वह अपनी जायदाद जीते जी किसी के नाम नहीं करना चाहते थे।
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‘सपनों के से दिन’ कहानी के आधार पर पी.टी. साहब के चरित्र की तीन महत्वपूर्ण विशेषताएँ निम्न हैं-
क. वे एक सख्त एवं कुशल अध्यापक थे|
ख. वे कुशल अध्यापक होने के साथ-साथ कुशल प्रशिक्षक भी थे| वे छात्रों को स्काउट एवं गाइड की ट्रेनिंग भी दिया करते थे|
ग. वे बाहर से बहुत कठोर थे किन्तु उनका ह्रदय बहुत कोमल था|
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