अपने क्षेत्र में सार्वजनिक पुस्तकालय खुलवाने की आवश्यकता समझाते हुए दिल्ली के शिक्षा-मंत्री के नाम एक पत्र लिखिए। 5
OR
कक्षा में अनजाने हो गए अभद्र व्यवहार के लिए कक्षा-अध्यापक से क्षमा याचना करते हुए पत्र लिखिए।
सेवा में,
शिक्षा मंत्री महोदय
विषय- सार्वजनिक पुस्तकालय खुलवाने से संबंधित|
महोदय,
सर, मेरा नाम स्वाति गौर है। मैं मयूर विहार फेज थ्री में रहती हूं। इस जगह पर मैं कई साल से रह रही हूं लेकिन एक बात मेरे मन में हमेशा खटकती रहती है। इस ओर आपका ध्यान दिलाना चाहती हूं। जिस स्थान पर मैं रहती हूं वहां पर दूर दूर तक कोई भी सार्वजनिक पुस्तकालय नहीं है। मुझे पुस्कालय के लिए बहुत दूर जाना पड़ता है। अतएव मेरी आपसे यह दरख्वास्त है कि इस क्षेत्र में कम से कम एक सार्वजनिक पुस्तकाल खुलवाने की कृपा करें। ऐसा होने पर मेरे जैसे कई अन्य लोगों को फायदा पहुंचेगा।
प्रार्थिनी
स्वाति गौर
A- 25, मयूर बिहार, दिल्ली
दिनांक २५ मार्च 2019
OR
सेवा में,
कक्षा-अध्यापक महोदय
दिनांक- 12 मार्च 2019
विषय- कक्षा अनजाने हुए गलत व्यवहार के लिए मांफी मांगने बाबत|
महोदय,
मैं आपसे अपने किए गए कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहती हूं। कक्षा में उस दिन मेरे द्वारा जो भी अभद्र व्यवहार हुआ वह अनजाने में हुआ। मेरी आपका या फिर अपने दोस्त का दिल दुखाने की कोई मंशा नहीं थी। इस पत्र के माध्यम से मैं आपसे एक बार फिर से माफी मांगती हूं। आपको विश्वास दिलाती हूं कि आगे से मेरी तरफ से आपको कोई भी शिकायत का मौका नहीं मिलेगा।
प्रार्थिनी
स्वाति गौर
कक्षा- 10, सेक्शन A
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