कविता के आधार पर ‘मनुष्यता’ के गुणों/लक्षणों की चर्चा विस्तारपूर्वक कीजिए।
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कविता के आलोक में सैनिक के जीवन की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए भाव स्पष्ट कीजिए- ‘राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो।
मनुष्यता कविता में मनुष्यता के निम्न गुणों एवं लक्षणों की बात कवि ने की है| मनुष्य में प्रेम की भावना होनी चाहिए| प्रेम की भावना होने से मनुष्य समाज एवं अपने सगे संबंधियों से बेहतर संबंध कायम कर पाता है| मनुष्य के भीतर त्याग एवं बलिदान की भावना का होना भी आवश्यक है| अगर मनुष्य में त्याग एवं बलिदान की भावना नहीं होगी तो वह परेशानी में फंसे कंजोर लोगों की मदद नहीं कर पायेगा| कविता में मनुष्यता के अन्य लक्षणों जैसे परोपकार, उदारता का भाव आदि के बारे में भी बताया है|
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इस कविता में सैनिक जीवन की चुनौतियों के बारे में बताया गया है| साथ ही कवि ने यह भी बताया है की किस प्रकार सैनिक अपना सब कुछ त्यागकर इन चुनौतियों का सामना करता है| एक सैनिक का कोई स्थायी घर नहीं होता| वह अपने राष्ट्र की रक्षा में हमेशा देश की सरहद पर विपरीत परिस्थितियों में तैनात रहकर देश की सीमाओं को सुरक्षित रखता है| सरहद पर परिस्थितियाँ बहुत विपरीत होती है| सरहद पर दुश्मन का खतरा, विपरीत मौसम, वीरान प्रदेश आदि ऐसी परिस्थितियाँ होती हैं जिनका एक सैनिक प्रतिदिन सामना करता है| इसी कारण से कवि ने एक सैनिक को “राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो” कहकर पुकारा है|
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