चौराहों पर भीख माँगते बच्चों को देखकर आपको कैसा लगता है? इस समस्या के समाधान के लिए अपने विचार एक पत्र द्वारा किसी समाचार पत्र के संपादक को लिखिए।
OR
अपनी पढ़ाई तथा अन्य गतिविधियों के बारे मे बताते हुए अपने पिताजी को पत्र लिखिए।
पता-…….
दिनांक-………
सेवा में,
समचार संपादक
दैनिक भास्कर,
सफदरजंग रोड, दिल्ली
विषय- चौराहे पर भीख मांगते बच्चों की समस्या के समाधान हेतु पत्र|
महोदय,
मैं मुखर्जी नगर का निवासी हूँ| मैं अक्सर मोहल्ले के चौराहे पर भीग मांगते हुए बच्चों को देखता हूँ| मैं बस इतना चाहता हूं कि आप अपने चैनल द्वारा एक विज्ञापन चलाए। इस विज्ञापन के द्वारा आप लोगों से गुजारिश करें कि वह गरीब बच्चों की पढाई का अगर बीड़ा उठा लें तो एक-एक बच्चे का भविष्य बन जाएगा। अगर हर कोई ऐसा करेगा तो देश में एक भी बच्चा पढ़ाई की उम्र में चौराहे पर यूं भीग मांगता हुआ नहीं दिखाई देगा।
कृपया इस सुझाव पर गंभीरता से सोचें। ऐसा करने से ना केवल हम देश के
विकास में योगदान देंगे बल्कि हर बच्चे का भविष्य भी सुधर जाएगा।
धन्यवाद
भवदीय
विकास शर्मा
OR
B-12, मयूर बिहार,
दिल्ली
दिनांक-……….
प्रिय पिता जी,
सादर प्रणाम!
मैं यहां पर ठीक हूं, उम्मीद करती हूं कि आप भी कुशल मंगल होगें। आपको कई दिन से खत लिखने का सोच रही थी लेकिन एक खुशखबरी का इंतजार कर रही थी। सोचा था जब मेरी मुराद पूरी हो जाएगी तो सबसे पहले आपके साथ इसे शेयर करूंगी। पापा, मेरा ऑफिस में वेतन बढ़ गया है। कई दिन से ऑफिस में इसे लेकर कई तरह की बातें सुनने में आ रही थी लेकिन आखिकार सैलरी बढ़ गई। खास बात यह है कि तीन महीने की सैलरी बढ़कर इस बार मिली है। मेरे विभाग में सिर्फ तीन लोगों का वेतन बढ़ा है और इन तीन लोगों में मेरा भी नाम है| बॉस ने भी काफी तारीफ की। बस जल्दी से टिकट कराकर घर आ रही हूं।
आपकी प्यारी बेटी
रूचि शर्मा
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